रूसी तेल पर ट्रंप की चेतावनी: भारत पर टैरिफ बढ़ाने के संकेत
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल का आयात करने के मामले में भारत पर आयात शुल्क बढ़ाने की चेतावनी देते हुए संकेत दिया है कि वाशिंगटन इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने के लिए तैयार है और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मुद्दे पर उनकी नाराजगी से अवगत हैं।

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डोनाल्ड ट्रंप बोले- पीएम मोदी जानते मैं खुश नहीं…
बताते चले कि अपने हवाई जहाज एयर फोर्स वन पर रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- “पीएम मोदी रूस के साथ भारत के ऊर्जा व्यापार पर उनकी नाराजगी को जानते हैं। पीएम मोदी एक बहुत अच्छे इंसान हैं और वह जानते थे कि मैं खुश नहीं हूं। मुझे खुश करना महत्वपूर्ण था, क्योंकि वह व्यापार करते हैं और हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ शुल्क बढ़ा सकते हैं।”
🚨 "मोदी मुझे खुश करना चाहता है!" – डोनाल्ड ट्रंप
— Election 1st (@election1first) January 5, 2026
ट्रंप का बड़ा दावा: मोदी ने रूस से तेल खरीदना इसलिए कम किया क्योंकि उन्हें पता है कि मैं खुश नहीं हूं और मुझे खुश करना जरूरी है। 🇮🇳🇺🇸🇷🇺
क्या यह नई 'केमिस्ट्री' का संकेत है? 🤔👇#DonaldTrump #PMModi #Russia #Oil #IndiaUSA pic.twitter.com/MN1XbQqIGo
वेनेजुएला के तेल भंडार पर ट्रंप का कब्जा
बतादें कि यह चेतावनी ऐसे समय में आयी है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता चल रही है और अमेरिका ने भारत पर पहले ही 50% टैरिफ शुल्क लगा रखा है। यह घटनाक्रम वेनेजुएला में हाल ही में हुए अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद सामने आया है, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका ने हिरासत में लिया था। इस घटनाक्रम ने वैश्विक तेल भू-राजनीति पर दुनिया का ध्यान खींचा है। ओपेक के आंकड़ों के अनुसार वेनेजुएला के पास 300 अरब बैरल से अधिक का दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है, जो वैश्विक भंडार का लगभग 17 से 18 प्रतिशत है।
टैरिफ को लेकर हुई थी दोनों देश में बात
उल्लेखनीय है कि अमेरिका के आयात शुल्क को दोगुना करके 50% तक करने के बाद से पीएम मोदी और ट्रंप के बीच तीन बार बातचीत हुई है। इस शुल्क वृद्धि से कपड़ा, रसायन और झींगा मछली जैसी चीजों के निर्यात पर असर पड़ा है। दोनों पक्षों के बीच व्यापार वार्ता जुलाई के अंत में तब विफल हो गयी थी, जब भारत ने अपने कृषि बाजार को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोलने का विरोध किया था और भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान ट्रंप की मध्यस्थता की भूमिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। बातचीत हालांकि तब से जारी है।

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दिसंबर 2025 में अमेरिकी उप व्यापार प्रतिनिधि रिक स्विट्जर ने नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों के साथ दो दिनों में बैठकें की थीं। इस दौरान भारत ने रूसी तेल खरीद से जुड़े दंडात्मक शुल्कों से राहत देने पर जोर दिया था। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के कार्यालय ने इन चर्चाओं पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था। ट्रंप भारत पर अमेरिकी बाजार में चावल की डंपिंग करने का आरोप लगाते हुए भारतीय चावल के आयात पर भी नया शुल्क लगाने का संकेत दे चुके हैं।
