उत्तर प्रदेशचुनाव

बीएलओ की मौतों की जिम्मेदार भाजपा सरकार- संजय सिंह

  • 30 नवंबर को आप करेगी प्रदेशव्यापी श्रद्धांजलि सभा-संजय सिंह
  • 25 बीएलओ की मौत पर आप का विरोध-30 नवंबर को पूरे यूपी में श्रद्धांजलि सभा
  • एसआईआर के नाम पर 25 बीएलओ की मौत AAP नेता संजय सिंह बोले यह चुनाव सुधार नहीं साजिश है।
  • बीएलओ मशीन नहीं इंसान हैं, उन्हें मौत की तरफ धकेला जा रहा है-संजय सिंह
  • भाजपा सरकार को बीएलओ की मौतों से कोई फर्क नहीं, मोदी के एजेंडे को पूरा करना मुख्य चुनाव आयुक्त की प्राथमिकता- संजय सिंह

लखनऊ: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शुक्रवार को कहा कि देशभर में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के नाम पर भाजपा सरकार और चुनाव आयोग बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) पर इस हद तक दबाव बना रहे हैं कि अब तक 25 से अधिक बीएलओ अपनी जान गंवा चुके हैं।

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30 नवंबर को यूपी में श्रद्धांजलि सभा

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए आम आदमी पार्टी ने 30 नवंबर को पूरे उत्तर प्रदेश में श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने की घोषणा की है। संजय सिंह ने कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि लोकतंत्र के खिलाफ संगठित अपराध है। जब चुनाव में अभी डेढ़ साल बाकी है तो इतनी बेतहाशा जल्दबाज़ी क्यों? क्या यह चुनाव सुधार है या विपक्ष और वंचित वर्ग को सूची से हटाने की सोची-समझी साजिश?

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त का रवैया शर्मनाक और अमानवीय है। बीएलओ को बिना संसाधन, बिना प्रशिक्षण और बिना समय सीमा के ऐसी परिस्थितियों में काम कराया जा रहा है कि लोग नौकरी बचाने के डर में आत्महत्या तक कर रहे हैं। संजय सिंह ने इसे “तानाशाही शासन” बताया और कहा कि बीएलओ मशीन नहीं, परिवार और जिम्मेदारियों वाला इंसान है—लेकिन सरकार उन्हें थकावट, मानसिक दबाव और भय के बीच काम करने पर मजबूर कर रही है।

बीएलओ मशीन नहीं इंसान- संजय

उन्होंने बताया कि कई क्षेत्रों में बीएलओ को रातभर ड्यूटी करनी पड़ रही है, घर-घर जाकर राजनीतिक दबाव और धमकियों के बीच डेटा अपडेट करना पड़ रहा है। कई बीएलओ अवसाद, तनाव और हार्ट अटैक का शिकार हुए, लेकिन चुनाव आयोग और सरकार अब तक किसी मृत बीएलओ के परिवार को मुआवजा, समर्थन या न्याय देने की घोषणा तक नहीं कर सके—यह अत्यंत शर्मनाक है।

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संजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाते हुए कहा कि एसआईआर को जिस तेजी और कठोरता के साथ लागू किया जा रहा है, वह प्रशासनिक प्रक्रिया कम और राजनीतिक आदेश ज्यादा दिखती है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की इस निर्मम जल्दबाज़ी का नतीजा 25 से ज्यादा मौतों के रूप में सामने आया है और अब आयोग को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

25 बीएलओ की मौत पर विरोध

उन्होंने घोषणा की कि इसी गंभीर परिस्थिति को देखते हुए आम आदमी पार्टी 30 नवंबर को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में श्रद्धांजलि सभा आयोजित करेगी। इसमें मृत बीएलओ को श्रद्धांजलि देने के साथ यह मांग उठाई जाएगी कि बीएलओ की मौतों की उच्च स्तरीय जांच हो, परिवारों को मुआवजा दिया जाए और एसआईआर के नाम पर हो रहा अत्याचार तुरंत रोका जाए।

https://www.aajtak.in/elections/assembly-chunav/story/aap-leader-sanjay-singh-scathing-attack-on-bjp-first-list-includes-same-people-who-used-to-abuse-in-parliament-ntc-rptc-2136354-2025-01-04

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