बीएलओ की मौतों की जिम्मेदार भाजपा सरकार- संजय सिंह
- 30 नवंबर को आप करेगी प्रदेशव्यापी श्रद्धांजलि सभा-संजय सिंह
- 25 बीएलओ की मौत पर आप का विरोध-30 नवंबर को पूरे यूपी में श्रद्धांजलि सभा
- एसआईआर के नाम पर 25 बीएलओ की मौत AAP नेता संजय सिंह बोले यह चुनाव सुधार नहीं साजिश है।
- बीएलओ मशीन नहीं इंसान हैं, उन्हें मौत की तरफ धकेला जा रहा है-संजय सिंह
- भाजपा सरकार को बीएलओ की मौतों से कोई फर्क नहीं, मोदी के एजेंडे को पूरा करना मुख्य चुनाव आयुक्त की प्राथमिकता- संजय सिंह
#WATCH | Delhi: On the SIR issue, AAP MP Sanjay Singh says, "This is vote theft… This is an organised gang which is working. Under PM Modi's leadership, the Election Commission is colluding to rob votes in different states of the country. We will raise this issue." pic.twitter.com/OtNRk2r7QZ
— ANI (@ANI) November 28, 2025
लखनऊ: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शुक्रवार को कहा कि देशभर में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के नाम पर भाजपा सरकार और चुनाव आयोग बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) पर इस हद तक दबाव बना रहे हैं कि अब तक 25 से अधिक बीएलओ अपनी जान गंवा चुके हैं।
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30 नवंबर को यूपी में श्रद्धांजलि सभा
मोदी की तानाशाही के कारण देश भर में 25 से ज्यादा BLOs ने अपनी जान दे दी।
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) November 28, 2025
मोदी के चुनावी घोटाले को उजागर करने और BLos को श्रद्धांजलि देने के लिए 30 नवंबर को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए आम आदमी पार्टी ने 30 नवंबर को पूरे उत्तर प्रदेश में श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने की घोषणा की है। संजय सिंह ने कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि लोकतंत्र के खिलाफ संगठित अपराध है। जब चुनाव में अभी डेढ़ साल बाकी है तो इतनी बेतहाशा जल्दबाज़ी क्यों? क्या यह चुनाव सुधार है या विपक्ष और वंचित वर्ग को सूची से हटाने की सोची-समझी साजिश?
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त का रवैया शर्मनाक और अमानवीय है। बीएलओ को बिना संसाधन, बिना प्रशिक्षण और बिना समय सीमा के ऐसी परिस्थितियों में काम कराया जा रहा है कि लोग नौकरी बचाने के डर में आत्महत्या तक कर रहे हैं। संजय सिंह ने इसे “तानाशाही शासन” बताया और कहा कि बीएलओ मशीन नहीं, परिवार और जिम्मेदारियों वाला इंसान है—लेकिन सरकार उन्हें थकावट, मानसिक दबाव और भय के बीच काम करने पर मजबूर कर रही है।
आम आदमी पार्टी, उत्तर प्रदेश "काशी प्रांत" अध्यक्ष पवन तिवारी जी के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधिमण्डल फतेहपुर, खजुहा में SIR के दबाव के कारण आत्महत्या करने वाले लेखपाल सुधीर कोरी के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की।
— Aam Aadmi Party- Uttar Pradesh (@AAPUttarPradesh) November 28, 2025
सरकार एक करोड़ का मुआवजा और बहन को दे सरकारी… pic.twitter.com/ABew0h70TL
बीएलओ मशीन नहीं इंसान- संजय
उन्होंने बताया कि कई क्षेत्रों में बीएलओ को रातभर ड्यूटी करनी पड़ रही है, घर-घर जाकर राजनीतिक दबाव और धमकियों के बीच डेटा अपडेट करना पड़ रहा है। कई बीएलओ अवसाद, तनाव और हार्ट अटैक का शिकार हुए, लेकिन चुनाव आयोग और सरकार अब तक किसी मृत बीएलओ के परिवार को मुआवजा, समर्थन या न्याय देने की घोषणा तक नहीं कर सके—यह अत्यंत शर्मनाक है।
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संजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाते हुए कहा कि एसआईआर को जिस तेजी और कठोरता के साथ लागू किया जा रहा है, वह प्रशासनिक प्रक्रिया कम और राजनीतिक आदेश ज्यादा दिखती है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की इस निर्मम जल्दबाज़ी का नतीजा 25 से ज्यादा मौतों के रूप में सामने आया है और अब आयोग को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
BJP का लालच BLOs की मौत का जिम्मेदार👇 pic.twitter.com/9N7BAiNhiT
— Aam Aadmi Party- Uttar Pradesh (@AAPUttarPradesh) November 28, 2025
25 बीएलओ की मौत पर विरोध
उन्होंने घोषणा की कि इसी गंभीर परिस्थिति को देखते हुए आम आदमी पार्टी 30 नवंबर को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में श्रद्धांजलि सभा आयोजित करेगी। इसमें मृत बीएलओ को श्रद्धांजलि देने के साथ यह मांग उठाई जाएगी कि बीएलओ की मौतों की उच्च स्तरीय जांच हो, परिवारों को मुआवजा दिया जाए और एसआईआर के नाम पर हो रहा अत्याचार तुरंत रोका जाए।
