स्मार्ट मीटर पर बवाल: AAP ने ‘लूट मीटर’ पर उठाए सवाल
- उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के खिलाफ बढ़ता जनआक्रोश, अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने उठाए गंभीर सवाल
- प्रदेश में स्मार्ट मीटर के नाम पर ‘लूट मीटर’ लगाए जा रहे हैं: विनय पटेल
- बिना उपभोक्ता की सहमति लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर, कानून का खुला उल्लंघन: विनय पटेल
- प्रीपेड स्मार्ट मीटर से 24–36 घंटे तक बिजली गुल, जनता परेशान: विनय पटेल
- 959 करोड़ रुपये के घोटाले की हो हाईकोर्ट की निगरानी में जांच: विनय पटेल
- 16 हज़ार खाली पदों को भरकर बिजली व्यवस्था सुधारे सरकार: विनय पटेल
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लखनऊ: आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर को लेकर योगी सरकार और बिजली कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के खिलाफ भारी जनआक्रोश है और यह योजना जनता की सुविधा के बजाय लूट का माध्यम बन चुकी है।
प्रदेश कार्यालय लखनऊ से अयोध्या प्रांत अध्यक्ष @VinayPatelAAP जी की महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता👇 pic.twitter.com/G5MpEBWsRm
— Aam Aadmi Party- Uttar Pradesh (@AAPUttarPradesh) April 10, 2026
उन्होंने स्मार्ट मीटर को “लूट मीटर” करार देते हुए कहा कि इससे उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है और बिजली व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो गई है।
‘लूट मीटर’ लगाए जा रहे
विनय पटेल ने कहा कि वर्ष 2018 में लगाए गए 2G स्मार्ट मीटर का भी जनता ने विरोध किया था, क्योंकि उनसे 15 से 20 प्रतिशत तक अधिक बिल आ रहे थे। उस समय सरकार ने दावा किया था कि ये मीटर 8 वर्षों तक चलेंगे, लेकिन अब उन्हें हटाकर 4G स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 78 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 70 लाख प्रीपेड हैं, और इन्हीं मीटरों में सबसे ज्यादा गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि ये स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिना सहमति के लगाए जा रहे हैं, जो इलेक्ट्रिसिटी एक्ट की धारा 55 का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके साथ ही प्रीपेड सिस्टम में सबसे बड़ी समस्या यह है कि जैसे ही रिचार्ज खत्म होता है, तुरंत बिजली कट जाती है और रिचार्ज करने के बाद भी 12 से 36 घंटे तक बिजली बहाल नहीं होती। उन्होंने कहा कि इससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उनके दैनिक जीवन पर गंभीर असर पड़ रहा है।
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बिजली गुल, जनता परेशान
विनय पटेल ने कहा कि प्रदेश के गाजियाबाद, नोएडा, बहराइच, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर समेत कई जिलों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि स्मार्ट मीटर तेज चल रहे हैं। जहां पहले 200-300 रुपये का बिल आता था, अब वही 2500-2600 रुपये तक पहुंच रहा है, और कई मामलों में 20 हजार रुपये तक के बिल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने इसे सीधे-सीधे उपभोक्ताओं के साथ धोखा और आर्थिक शोषण बताया।
उन्होंने स्मार्ट मीटर परियोजना में 959 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि जो मीटर 2800 रुपये में लगना चाहिए था, उसे 6016 रुपये में लगाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की हाईकोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी कंपनियों व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही जो अतिरिक्त राशि उपभोक्ताओं से वसूली गई है, उसे उनके बिजली बिल में समायोजित कर वापस किया जाए।
आम आदमी पार्टी, उत्तर प्रदेश "अयोध्या प्रांत" अध्यक्ष @VinayPatelAAP जी आज एक महत्वपूर्ण विषय पर करेंगे प्रेसवार्ता।
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बिजली व्यवस्था सुधारे सरकार
विनय पटेल ने प्रदेश सरकार पर झूठे दावे करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार लगातार यह कह रही है कि बिजली दरों में वृद्धि नहीं हुई, जबकि हकीकत यह है कि अलग-अलग समय पर अलग-अलग दरों से बिजली वसूली जा रही है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था पूरी तरह अव्यवहारिक है और इससे किसान, मजदूर और आम उपभोक्ता बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गांवों में स्थिति और भी खराब है, जहां बिजली विभाग के कर्मचारी रोजाना लोगों के कनेक्शन काट रहे हैं। प्रदेश में लगभग 8 लाख घरों के बिजली कनेक्शन काटे जा चुके हैं और उन्हें जोड़ने के लिए लोगों से 2000 से 4000 रुपये तक की रिश्वत ली जा रही है। उन्होंने अंबेडकर नगर का उदाहरण देते हुए बताया कि एक गरीब व्यक्ति के घर का बिजली बिल 70 हजार रुपये तक पहुंच गया, जो पूरी व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।
विनय पटेल ने यह भी बताया कि सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार बिजली विभाग में 16 हज़ार पद खाली पड़े हैं, जिससे व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने मांग की कि इन पदों को तुरंत भरा जाए ताकि बिजली आपूर्ति और सेवा में सुधार हो सके।
स्मार्ट मीटरों को तत्काल हटाये- AAP
विनय पटेल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की मांग है कि बिना सहमति लगाए गए स्मार्ट मीटरों को तत्काल हटाया जाए, प्रीपेड सिस्टम की खामियों को दूर किया जाए, बिजली कटौती और देरी से बहाली की समस्या को खत्म किया जाए, और पूरे मामले की हाईकोर्ट की निगरानी में जांच कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आम आदमी पार्टी प्रदेशभर में बड़ा जनआंदोलन शुरू करेगी और जनता के अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
