बतादें कि भारत और अमेरिका के बीच हाल के महीनों में आए कूटनीतिक तनाव का असर अब सीधे भारतीय छात्रों और वीजा धारकों पर दिखाई देने लगा है। अमेरिका में पढ़ाई कर रहे या वहां जाने की तैयारी कर रहे भारतीय छात्रों के लिए एक अहम और सख्त चेतावनी जारी की गई है। भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने बुधवार, 7 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट जारी कर साफ शब्दों में कहा है कि “अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करने पर छात्र वीजा रद्द किया जा सकता है और देश से निकाला भी जा सकता है।”
Breaking U.S. laws can have serious consequences for your student visa. If you are arrested or violate any laws, your visa may be revoked, you may be deported, and you could be ineligible for future U.S. visas. Follow the rules and don’t jeopardize your travel. A U.S. visa is a… pic.twitter.com/A3qyoo6fuD
अमेरिकी दूतावास ने अपने आधिकारिक पोस्ट में लिखा- “अमेरिकी कानूनों को तोड़ने पर आपके छात्र वीजा के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यदि आपको गिरफ्तार किया जाता है या आप किसी भी कानून का उल्लंघन करते हैं, तो आपका वीजा रद्द किया जा सकता है, आपको देश से निकाला जा सकता है और भविष्य में अमेरिकी वीजा के लिए अयोग्य भी ठहराया जा सकता है। नियमों का पालन करें। अमेरिकी वीजा कोई अधिकार नहीं, बल्कि एक सुविधा है।” वहीं इस बयान के बाद अमेरिका में रह रहे हजारों भारतीय छात्रों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है।
भारतीय छात्रों पर सीधा असर
भारत अमेरिका में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या के लिहाज से दूसरे स्थान पर है। हर साल लाखों भारतीय छात्र बेहतर शिक्षा और करियर के सपने लेकर अमेरिका जाते हैं। ऐसे में यह चेतावनी सिर्फ एक औपचारिक संदेश नहीं, बल्कि भविष्य के कड़े कदमों का संकेत मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह चेतावनी उन छात्रों के लिए है जो:
वीजा शर्तों का उल्लंघन करते हैं।
पढ़ाई के साथ अवैध रूप से काम करते हैं।
ट्रैफिक, ड्रग्स या किसी भी आपराधिक गतिविधि में पकड़े जाते हैं।
वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अमेरिका में रहते हैं।
इमिग्रेशन विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका में कानून बहुत सख्त हैं और कई बार छोटी लगने वाली गलती भी बड़े परिणाम ला सकती है। उदाहरण के तौर पर:
ड्राइविंग के दौरान शराब पीकर गाड़ी चलाना।
फर्जी दस्तावेज देना।
क्लास अटेंडेंस में लापरवाही।
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक या हिंसक पोस्ट।
ऐसे मामलों में न सिर्फ गिरफ्तारी हो सकती है, बल्कि वीजा भी तुरंत रद्द किया जा सकता है।
H-1B और H-4 वीजा धारकों पर भी सख्ती
यह चेतावनी सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं है। इससे पहले अमेरिकी दूतावास ने H-1B और H-4 वर्क वीजा चाहने वालों के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए थे। दूतावास ने कहा था कि अमेरिकी आव्रजन कानूनों का उल्लंघन करने पर गंभीर आपराधिक सजा, भारी जुर्माना और स्थायी प्रतिबंध लग सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली सरकार अवैध आप्रवासन के खिलाफ “ज़ीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रही है। इसी के तहत:
वीजा जांच प्रक्रिया कड़ी की गई है।
बैकग्राउंड वेरिफिकेशन बढ़ाया गया है।
पुराने मामलों की दोबारा समीक्षा की जा रही है।
ट्रंप सरकार की सख्त इमिग्रेशन नीति
डोनाल्ड ट्रंप पहले भी अवैध इमिग्रेशन और वीजा दुरुपयोग के खिलाफ सख्त रुख के लिए जाने जाते रहे हैं। सत्ता में लौटने के बाद उनकी सरकार ने फिर से छात्र वीजा, वर्क वीजा, फैमिली वीजा सभी पर सख्ती बढ़ा दी है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि अमेरिका में रहने का अधिकार उन्हीं को मिलना चाहिए जो कानून का पूरी तरह पालन करें।
नए वीजा आवेदनों में आई गिरावट
वीजा नियमों में बढ़ती सख्ती का असर आंकड़ों में भी दिख रहा है। पिछले एक साल में अमेरिका के लिए नए छात्र वीजा आवेदनों में 17% की गिरावट दर्ज की गई है। क्योंकि H-1B वीजा आवेदकों को लंबी प्रतीक्षा अवधि का सामना करना पड़ रहा है, भारत में अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों में कई वीजा अपॉइंटमेंट रद्द या महीनों के लिए टाल दिए गए हैं। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि अनिश्चितता के कारण कई छात्र अब कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप जैसे विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स और एजुकेशन कंसल्टेंट्स छात्रों को सलाह दे रहे हैं कि:
वीजा की सभी शर्तों का सख्ती से पालन करें।
किसी भी कानूनी मामले से दूर रहें।
पढ़ाई और काम से जुड़े नियमों को अच्छी तरह समझें।
सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करें।
किसी समस्या की स्थिति में तुरंत यूनिवर्सिटी या लीगल एड से संपर्क करें।
निष्कर्ष- अमेरिका की यह चेतावनी भारतीय छात्रों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है। ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति के दौर में अमेरिका में रहना और पढ़ना पहले से ज्यादा अनुशासन और सावधानी की मांग करता है। जो छात्र नियमों का पालन करेंगे, उनके लिए अवसर अब भी मौजूद हैं, लेकिन एक छोटी सी चूक भी सपनों पर पानी फेर सकती है।