ज्योतिष-धर्म

गुरुवार का ज्ञान: गुरु शिक्षा में सीखे जन्म कुंडली का रहस्य…

गुरु शिक्षा: गुरु प्रसाद में आज गुरु ज्ञान में आज का विषय जन्म कुंडली का रहस्य…, जैसा कि प्रत्येक रविवार और गुरुवार को ज्योतिष सीखते आए हैं, वैसे ही आज गुरुवार को गुरु प्रसाद में में आज का विषय जन्म कुंडली का रहस्य…

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जन्म कुंडली का रहस्य

गुरुवार का ज्ञान: गुरु शिक्षा में सीखे जन्म कुंडली का रहस्य...
गुरुवार का ज्ञान: गुरु शिक्षा में सीखे जन्म कुंडली का रहस्य…

दीप ज्ञान ज्योतिष में सीखे आज का विषय जन्म कुंडली का रहस्य…जैसा कि प्रत्येक गुरुवार और रविवार को हम सब ज्योतिष सीखते आए हैं आज सीखे कुंडली का रहस्य। जब बालक या कन्या का जन्म माता द्वारा नौ माह गर्भ में रहने के बाद होता है तब यूनिवर्स ब्रह्मांड के साथ पृथ्वी पर जीव आता है जिस समय माता और बच्चे को अलग किया जाता हैं उस समय कोई न कोई एक नक्षत्र होता है उसी नक्षत्र का कोई एक देवता होता है।

उसी नक्षत्र से चंद्रमा को देखा जाता है नक्षत्र के चरण से उसकी राशि बनती है वहीं से जीवन का निर्माण शुरू होता है। सूर्य के गणना के अनुसार उसकी लग्न कुंडली अर्थात जन्म कुंडली बनाई जाती है। उसमें 12 खाने होते हैं यही 12 खाने से पूरे ब्रह्मांड को देखा जाता है।

यदि ब्रह्मांड तड़ पिंड

कुंडली के 12 खाने का ज्ञान

गुरुवार का ज्ञान: गुरु शिक्षा में सीखे जन्म कुंडली का रहस्य...
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जो कुछ ब्रह्मांड में है वहीं सब कुछ मानव के शरीर में समाया हुआ जिसकी जानकारी कुंडली के 12 खाने बताते हैं।

  • उसमें पहला खाना से शरीर की बनावट रूप, रंग, व्यवहार देखा जाता है।
  • दूसरा खाना से कुटुंब, परिवार, व्यवहार देखा जाता है।
  • तीसरा खाना अर्थात भाव से भाई-बहन पराक्रम स्थान देखा जाता है।
  • चौथा स्थान से माता का सुख, सम्पन्नता, भूमि, वाहन, संबंधी लाभ देखा जाता है।
  • पांचवां स्थान से बुद्धि, विद्या, ज्ञान, शिक्षा देखा जाता है।
  • छठा स्थान से रोग, रिपु, ऋण, मामा, ननिहाल देखा जाता है।
  • सातवां भाव से व्यापार, पत्नी, मार्केश देखा जाता है।
  • आठवां स्थान से रिसर्च, मृत्यु, मार्केश, ससुराल देखा जाता है।
  • नवा स्थान से पिता, धर्म, भाग्य, भाव देखा जाता है।
  • दशम स्थान से कर्म करने का अधिकार देखा जाता है।
  • एकादश भाव से बड़े भाई द्वारा आय का श्रोत क्या है देखा जाता है।
  • बारहवें भाव से खर्चा, विदेश जाना, जेल जाना, बिखराव और मूंछ पाना देखा जाता है।

यही बारहों भाव मनुष्य का दर्पण होता है। जहां से उसका जीवन देखा जाता है यह सब गुरु कृपा से संभव है।

NOTE: प्रत्येक गुरुवार को गुरु प्रसाद मिलता रहेगा जो जिज्ञासु लोग है उनकी इच्छा पूर्ण होती है। यह जानकारी गुरु के आशीर्वाद से मिलता है आप सभी को देने का प्रयास करता हूं। जिज्ञासु लोग कैरियर की जानकारी और लाइफ चेंज के लिए ऑनलाइन भी संपर्क कर सकते हैं। नोएडा-लखनऊ-कानपुर आप का साथी ज्योतिषाचार्य राम नजर मिश्र रत्न रुद्राक्ष विशेषज्ञ, 9415126330, 6386254344.

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