राम मंदिर चंदा विवाद पर कांग्रेस ने लगाए BJP-RSS पर आरोप
दिल्ली: कांग्रेस ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर चंदा चोरी तथा घोटाले के मामले अत्यंत गंभीर हैं और इसमें किसी तरह की लीपापोती करने की बजाय ट्रस्ट को तत्काल भंग करके नये ट्रस्ट का गठन किया जाना चाहिए।
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कांग्रेस नेता ने चंदा चोरी पर पीएम पर लगाए आरोप
LIVE: Congress party briefing at AICC Office, New Delhi
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) July 7, 2026
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राम मंदिर में जमीन अधिग्रहण से लेकर चंदा चोरी तक के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साधु संतों को दरकिनार कर इस मंदिर का उद्घाटन किया और मंदिर निर्माण का पूरा श्रेय लिया लेकिन जब चंदा चोरी से जनता के साथ विश्वासघात हुआ और उनकी आस्था को ठेस पहुंची तो पीएम मोदी ने मौन धारण कर लिया।
BJP और RSS पर कांग्रेस के गंभीर आरोप
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर AICC में प्रेस वार्ता :
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) July 7, 2026
*कांग्रेस सरकार द्वारा बंसी पहाड़पुर से लीगल तरीके से मंदिर निर्माण के लिए पत्थर उपलब्ध करवाया गया था*
राजस्थान के लोगों का एक अलग लगाव है क्योंकि जब मंदिर बन रहा था तब वहाँ इल्लीगल माइनिंग हो रही थी। बंसी पहाड़पुर… pic.twitter.com/s5Insde6h3
उन्होंने कहा कि राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी का मुद्दा देश के गांव-गांव तक पहुंच गया है, सभी लोगों में इसे लेकर आक्रोश है। प्रभु श्री राम के अयोध्या स्थित मंदिर से करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं, जिसे भारतीय जनता पार्टी – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (भाजपा-आरएसएस) ने गहरा आघात पहुंचाया है। भाजपा-आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने मिलकर एकतरफा तरीके से मंदिर ट्रस्ट बनाया लेकिन किसी की कोई जवाबदेही तय नहीं की गई। बताया जा रहा है कि इन्हें चढ़ावा चोरी होने की जानकारी बहुत पहले से थी लेकिन इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई और बातों को दबा दिया गया।
हमारी मांग 👇
— Congress (@INCIndia) July 7, 2026
⦿ अयोध्या के राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी के बाद 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' को भंग कर देना चाहिए
⦿ सुप्रीम कोर्ट जज के द्वारा इस मामले की जांच होनी चाहिए
⦿ अयोध्या राम मंदिर के लिए धार्मिक और धर्माचार्यों को लेकर नया ट्रस्ट बनाया जाए
⦿… pic.twitter.com/vbMhWZlCls
कांग्रेस नेता ने कहा कि ट्रस्ट में किसको रखना है यह निर्णय आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद ने ही लिया इसलिए उसके ही लोग इसमें भरे गये। उनका कहना था कि पहले पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के समय जिस ट्रस्ट की बात हुई थी उसको आधार बनाकर चलते तो शायद इतना बड़ा घोटाला नहीं होता और करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं को इस तरह से आाघत नहीं पहुंचता।
राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी का मुद्दा देश के गांव-गांव तक पहुंच गया है, सभी लोगों में इसे लेकर आक्रोश है।
— Congress (@INCIndia) July 7, 2026
प्रभु श्री राम के अयोध्या स्थित मंदिर से करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं, जिसे BJP-RSS ने भयंकर ठेस पहुंचाई है।
BJP-RSS और VHP के लोगों ने मिलकर एकतरफा तरीके से… pic.twitter.com/ecVYdmsoAf
न्यायाधीश की देखरेख में हो व्यापक जांच
उन्होंने कहा कि सबसे चिंता की बात यह है कि इस मामले में अब भी लीपापोती की जा रही है। चंदा चोरी को लेकर सोमवार को ट्रस्ट की बैठक हुई जिसमें चंपत राय सहित कुछ लोगों के इस्तीफे स्वीकार करने की बात कही गई है लेकिन बैठक में लिये गये निर्णयों को लेकर जो सूचनाएं दी गई उसमें चंदा चोरी की घटना की वजह लापरवाही बताई गई है।
राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी ने BJP-RSS का चाल, चरित्र और चेहरा देश के सामने ला दिया है।
— Congress (@INCIndia) July 7, 2026
: पूर्व मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी
📍 दिल्ली pic.twitter.com/1B90vKJ2qI
उन्होंने इसे आश्चर्यचकित करने वाला बयान बताया और कहा कि जब सब कुछ आरएसएस विश्व हिंदू परिषद के लोगों के हवाले है और समय रहते घोटाला होने की बात सामने आने की बात भी कही जा रही है तो लापरवाही कहां से हुई। उनका कहना था कि जिम्मेदारी तय की जानी आवश्यक है और दोषियों को दंड मिले इसके लिए पूरे प्रकरण की उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की देखरेख में मामले की व्यापक जांच हो।
