बारिश से बदला मौसम का मिजाज, विभाग ने बताया हाल
दिल्ली: मौसम विभाग ने बताया है कि जून के महीने में सुस्त पड़े मानसून ने जुलाई की शुरुआत में रफ़्तार पकड़ ली है। विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 20 जून तक देश भर में मानसून की स्थिति बेहद चिंताजनक थी और सामान्य के मुकाबले 41.4 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गयी थी। इस अवधि तक जहां सामान्यतः 92.8 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, वहीं केवल 54.4 मिलीमीटर बारिश ही हुई थी।
दैनिक मौसम परिचर्चा (08.07.2026)
— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 8, 2026
उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश एवं उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर बने सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र (Well-marked Low Pressure Area) के प्रभाव से 08 जुलाई को पश्चिम मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, कोंकण एवं गोवा, मध्य महाराष्ट्र… pic.twitter.com/6jvZ9AhGUj
जुलाई के मौसम का विभाग ने बताया हाल
जुलाई की शुरुआत में हालांकि हुई अच्छी बारिश की बदौलत आठ जुलाई तक देश की कुल संचयी वर्षा बढ़कर 195.5 मिलीमीटर पर पहुंच गयी है। इसके साथ ही देश भर में बारिश की कुल कमी अब घटकर केवल 15.2 प्रतिशत रह गयी है, जो सामान्य औसत के काफी करीब है।
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पिछले 18 दिनों के भीतर देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून के मिजाज में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। जून के महीने में मध्य भारत सबसे अधिक प्रभावित था, जहां 20 जून तक 65 प्रतिशत की भीषण कमी थी, लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह की भारी बारिश के बाद यहां स्थिति पूरी तरह बदल गयी है और अब यह क्षेत्र सामान्य से चार प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज कर चुका है।
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दक्षिण भारत राज्यों का रुख
दक्षिण भारत के राज्यों में भी सुधार का रुख है। जहां जून के मध्य तक 25 प्रतिशत की कमी थी, वह अब घटकर केवल 14 प्रतिशत रह गयी है। उत्तर-पश्चिम भारत में जून में स्थिति थोड़ी बेहतर थी और केवल सात प्रतिशत की कमी थी, लेकिन जुलाई की शुरुआत में अन्य क्षेत्रों की तुलना में गति धीमी रहने के कारण अब यहां सामान्य से 15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी है।
दूसरी ओर, देश का पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सा अभी भी मानसून की बेरुखी झेल रहा है। यहां जून में 44 प्रतिशत की कमी थी और अब इसमें मामूली सुधार के साथ यह अभी भी 39 प्रतिशत की भारी कमी पर बना हुआ है। कुल मिलाकर यह तुलनात्मक विश्लेषण साफ़ दिखाता है कि जून के सूखे के बाद जुलाई के शुरुआती आठ दिनों में मानसून देश के अधिकांश हिस्सों में बेहतर रही है।
Daily Weather Briefing (08.07.2026)
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Under the influence of Well-marked low-Pressure area over Northwest Madhya Pradesh & adjoining Southwest Uttar Pradesh, isolated extremely heavy rainfall likely over West Madhya Pradesh, over Sub- Himalayan West Bengal & Sikkim, over Konkan &… pic.twitter.com/fQc2GKAy9A
मौसम विभाग ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति
दूसरी ओर, मौसम विभाग ने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया है कि नौ जुलाई से मानसून की रफ्तार कम होने के आसार हैं। अगले दो से तीन दिनों में मानसून के राजस्थान, हरियाणा, पंजाब के शेष हिस्सों और इसके बाद पूरे देश में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। इसलिए इन क्षेत्रों में अधिक बारिश हो सकती है। विभाग के अनुसार, फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा बाड़मेर, जोधपुर, राजगढ़ और भटिंडा से होकर गुजर रही है।
विभाग ने गुजरात, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कोंकण और गोवा के निचले इलाकों में बाढ़ आने की सामान्य आशंका जतायी है। साथ ही यह भी कहा है कि हिमाचल प्रदेश (शिमला और सिरमौर) तथा उत्तराखंड के ज्यादातर पहाड़ी जिलों में अचानक बाढ़ आने का थोड़ा बहुत खतरा बना हुआ है।
