प्रदर्शन के बीच CJP से सरकार की बातचीत
दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर हजारों प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को राजधानी में संसद की ओर मार्च किया लेकिन पुलिस ने जगह-जगह उन्हें रोक दिया।
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CJP से सरकार ने शुरू की बातचीत
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राजधानी में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच कई स्थानों पर हल्की झड़पें हुईं। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने जैसी कार्रवाई की, जबकि प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने CJP के साथ औपचारिक वार्ता भी शुरू कर दी।
आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 AM से ही हमारी बातचीत जारी है।
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) July 20, 2026
सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई।
मैंने… pic.twitter.com/HLCl20RBSp
दिल्ली पुलिस की लोगों से अपील
CJP ने अपनी मांगों के समर्थन में लोगों से जंतर-मंतर पर जमा होने और संसद तक मार्च करने की अपील की थी। सुबह से ही जंतर-मंतर की ओर विभिन्न दिशाओं से बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे। हाथों में तिरंगा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर लिए प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से जयसिंह मार्ग होते हुए संसद मार्ग की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने संसद मार्ग पर बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया और लाउडस्पीकर के माध्यम से सूचित किया कि आगे जाने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे। इस दौरान त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) और दिल्ली पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।
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इस बीच, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में मीडिया के कुछ हिस्सों में प्रसारित हिंसा और हिरासत संबंधी खबरों का खंडन करते हुए कहा – विरोध-प्रदर्शन को पेशेवर ढंग से संभाला जा रहा है और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दिया जाए। पुलिस ने लोगों से शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा न लेकर बीजेपी से बहुत बड़ी गलती हो गयी, अब यह आंदोलन उसके Downfall का Turning Point बनेगा।#संसद_मार्च #CjpProtest pic.twitter.com/6C7zayX7cA
— COCKROACH ARMY (@ObcArmyInd) July 20, 2026
सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारी पर किया हमला
दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों ने अन्य दिशाओं से भी संसद की ओर बढ़ना जारी रखा। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर संसद के निकट रेल भवन चौराहे तक पहुंच गये, जहां सुरक्षाबलों ने उन पर आंसू गैस के कई गोले छोड़े। कई प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे।
पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाने के बावजूद उनके नहीं हटने पर हल्का बल प्रयोग कर उन्हें पीछे धकेला गया और बाद में सड़क खाली करा ली गयी। निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया। पटेल चौक पर भी प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
लड़की जमीन पर पड़ी हुई है लड़का उसे उठाने की कोशिश कर रहा है पुलिसवाले बेरहमी से लाठी बरसा रहे हैं. ऐसी घिनौनी हरकत #PaperLeak करके selection लेने वाले ही कर सकते हैं।#CjpProtest #संसद_मार्च pic.twitter.com/RSjrGjxv0b
— COCKROACH ARMY (@ObcArmyInd) July 20, 2026
CJP सौंपा लिखित ज्ञापन
आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने CJP से बातचीत की पहल की। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और नेता आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की। सौरव दास ने बताया कि दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद करीब दस मिनट तक हुई बैठक में उन्होंने पार्टी की मांगो का लिखित ज्ञापन सौंपा। उनके अनुसार, जे.पी. नड्डा ने भरोसा दिलाया कि सरकार इस मुद्दे पर आंतरिक स्तर पर विचार-विमर्श करेगी और बातचीत की प्रक्रिया जारी रहेगी। इससे पहले सौरव दास ने कहा था कि सरकार ने सोमवार सुबह बातचीत के लिए संपर्क किया था और CJP अपनी मांगों पर स्पष्ट रूप से कायम है।
मार्च निकालने की नहीं थी अनुमति
उधर, संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रस्तावित मार्च को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गयी थी। दिल्ली पुलिस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि संसद तक मार्च निकालने की कोई अनुमति नहीं दी गयी है। दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है, जिसके तहत पूर्व अनुमति के बिना जुलूस, प्रदर्शन और पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक है। पुलिस ने कहा कि आयोजकों ने संसद तक मार्च निकालने की अनुमति भी नहीं मांगी थी। पुलिस ने लोगों से कानून का पालन करने की अपील की थी।
#WATCH | Delhi: Protesters pelt stones at Delhi Police personnel at Feroz Shah Road.#CJPProtest pic.twitter.com/CSCibKGpfT
— ANI (@ANI) July 20, 2026
संसद भवन, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल, आरक्षित टुकड़ियां और त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) तैनात किये गये। प्रमुख मार्गों पर कई स्तरों की बैरिकेडिंग, सघन वाहन जांच और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गयी।
तीन स्तरीय सुरक्षा
जंतर-मंतर के आसपास भी तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भीड़ बढ़ने के कारण पटेल चौक मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार बंद कर दिये गये तथा केंद्रीय सचिवालय और अन्य करीबी मेट्रो स्टेशनों पर भी भीड़ नियंत्रण के विशेष उपाय किये गये।
जानें क्या था मामला
उल्लेखनीय है कि CJP ने विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक के विरोध, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जून से जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन शुरू किया था। शिक्षाविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इन्हीं मांगों को लेकर 28 जून से आमरण अनशन शुरू किया था, जिन्हें शनिवार को दिल्ली पुलिस ने वहां से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल शुरू कर दी थी।

सोनम वांगचुक के साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (आइसा) के छह विद्यार्थी भी भूख हड़ताल पर बैठे थे, हालांकि इनमें से तीन अलग-अलग समय पर स्वास्थ्य बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती हुए थे।
भूख हड़ताल खत्म
बचे हुए तीन विद्यार्थियों ने भी आज भूख हड़ताल खत्म की। अभिनेता प्रकाश राज, अभिनेता एवं पूर्व सांसद शबाना आज़मी और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने तरल पदार्थ पिलाकर उनकी भूख हड़ताल खत्म करवाई।
अभिजीत दीपके ने भी बाद में अपना अनशन समाप्त कर दिया। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने बताया कि सोनम वांगचुक ने दीपके से अपना अनशन तोड़ने का अनुरोध किया था, क्योंकि उन्हें विरोध प्रदर्शन जारी रखने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता है।

