ज्योतिष-धर्म

गुरुवार का ज्ञान: गुरु शिक्षा मंगली दोष की काट

गुरु शिक्षा: गुरु प्रसाद में आज गुरु ज्ञान में आज का विषय मंगली दोष की काट, जैसा कि प्रत्येक रविवार और गुरुवार को ज्योतिष सीखते आए हैं, वैसे ही आज गुरुवार को गुरु प्रसाद में आज का विषय मंगली दोष की काट…

मंगली दोष क्या है

दीप ज्ञान ज्योतिष में सीखे आज का विषय मंगली दोष की काट, जैसा की प्रत्येक गुरुवार और रविवार को हम सब मिलकर ज्योतिष पर चर्चा करते है जिज्ञासु लोग सीखते हैं आज का विषय मंगली कुंडली की चर्चा बहुत होती है पर कुंडली में मंगली नहीं है या मंगल का प्रभाव काम नहीं करता फिर भी समाज में मंगली मानकर बैठे हैं आइए जानें मंगली दोष क्या है, क्यों उससे घबराए है लोग…

गुरुवार का ज्ञान: गुरु शिक्षा मंगली दोष की काट
गुरुवार का ज्ञान: गुरु शिक्षा मंगली दोष की काट

मंगली क्या है

महर्षि पाराशर ने अपनी पुस्तक बृहत पाराशर संहिता में बताया है की कुंडली में मंगल यदि प्रथम-चतुर्थ-सप्तम-अष्टम और बारहवें भाव में है तो मंगली कहलाता है। दक्षिणी भारत के विद्वान द्वितीय भाव को भी मंगली मानते हैं, पर मंगली क्या है पहले उसको जाने..

मंगल ग्रह पराक्रमी साहस उत्साह का प्रतीक होता है, जब यह पावर में रहता है तो अपने स्वभाव के अनुसार काम करता और चाहता है। अगर जीवन साथी इसके अनुसार नेगेटिव विचार का होगा तो विचारो में बिखराव रहेगा और तनाव युक्त जीवन होगा।

मंगली का कुंडली में कार्य

वैसे मंगली कोई दोष नहीं है मंगल से बलवान ग्रह जिसके कुंडली में होगा वह उत्साही पराक्रमी भूमि वाहन से युक्त नेतृत्व करने वाला साहसी खिलाड़ी लीडर होगा। उसके सामने कोई विरोधी नहीं होना चाहिए। उसकी कामना यह रहती है। अब कुंडली में उसका कार्य देखे…

गुरुवार का ज्ञान: गुरु शिक्षा मंगली दोष की काट
गुरुवार का ज्ञान: गुरु शिक्षा मंगली दोष की काट

अगर कुंडली के लग्न में बैठा है तो उसकी चौथी दृष्ट चतुर्थ भाव पर पड़ती है जो सुख का माता का भाव रहता है अब उसकी चाहत के अनुसार काम नहीं होगा सुख का बाधा वह बरदास नहीं करता वहाँ विरोधा भाव होगा।

उसकी सातवीं दृष्ट पत्नी भाव पर पड़ेगा वहाँ पर भी उसकी चाहत होगी, पत्नी उसके चाहत के विचार के अनुसार चाहिए नहीं तो विरोध होगा।

उसकी दृष्टि आठवें भाव में पड़ेगी जो मृत्यु का भाव, रिसर्च का भाव, ससुराल का भाव होता है। बस वही चाहत ससुराल से नहीं मिलता तो मृत्यु के समान उत्तेजना गुस्सा आता है।

इसलिए पाराशर संहिता में बताया गया है वर के अनुसार कन्या रहेगी या कन्या के अनुसार वर रहेगा दोनों का मिलान एक विचार रहेगा तो विचारो में टकराव नहीं होगा। बस कुंडली में मंगल ग्रह का प्रभाव बहुत है।

अगर कुंडली में मंगल कमजोर है तो व्यक्ति नर्वस सिस्टम डाउन होगा, बीपी लो होगी, दिन हीन निकम्मा जीवन जिए। अगर कुंडली में मंगल बलवान होगा तो सेना का ब्रिगेडियर, जनरल सिपाही खिलाड़ी लिडर, नेतृत्व क्षमता विकसित होगा, हर जगह आगे-आगे चलेगा। इसलिए मंगल को बदनाम मत करें।

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अगले हफ्ते में मंगल की काट क्या है जो जीवन सुखद हो मान लीजिये लड़की की कुंडली मंगली हो तो लड़के की कुंडली में क्या देखे की उसकी काट रहे जीवन सुखद हो, शेष जानकारी अगले हफ्ते मिलेगा।

NOTE: प्रत्येक गुरुवार को गुरु प्रसाद मिलता रहेगा जो जिज्ञासु लोग है उनकी इच्छा पूर्ण होती है। यह जानकारी गुरु के आशीर्वाद से मिलता है आप सभी को देने का प्रयास करता हूं। जिज्ञासु लोग करियर की जानकारी और लाइफ चेंज के लिए ऑनलाइन भी संपर्क कर सकते हैं। नोएडा-लखनऊ-कानपुर आप का साथी ज्योतिषाचार्य राम नजर मिश्र रत्न रुद्राक्ष विशेषज्ञ, 9415126330, 6386254344.

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https://en.wikipedia.org/wiki/Hindu_astrology

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