गुरुवार का ज्ञान: गुरु शिक्षा में केंद्र और त्रिकोण का आपसी संबंध
गुरु शिक्षा: गुरु प्रसाद में आज गुरु ज्ञान में आज का विषय केंद्र और त्रिकोण का आपसी संबंध…, जैसा कि प्रत्येक रविवार और गुरुवार को ज्योतिष सीखते आए हैं, वैसे ही आज गुरुवार को गुरु प्रसाद में आज का विषय केंद्र और त्रिकोण का आपसी संबंध…
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केंद्र और त्रिकोण का आपसी संबंध

दीप ज्ञान ज्योतिष में सीखे आज का विषय केंद्र और त्रिकोण का आपसी संबंध, जैसा की हम सब प्रत्येक गुरुवार और रविवार को ज्योतिष सीखते आए हैं आज सीखे केंद्र और त्रिकोण का आपसी संबंध… एक, चार, सात और दश भाव को केंद्र कहते हैं। एक, पांच और नवा भाव को त्रिकोण कहते है। त्रिकोण को राजा और केंद्र को रानी का दर्जा दिया गया है।
त्रिकोण का स्वामी केंद्र
महर्षि पाराशर ने बताया कि जब केंद्र का स्वामी त्रिकोण में और त्रिकोण का स्वामी केंद्र में जाता है। एक-दूसरे का आपसी संबंध कुंडली में राज योग बनेगा, साधारण घर में जन्म लेने वाला व्यक्ति करोड़पति बन जाता है। अगर उसका संबंध बुध-शुक्र-गुरु-चंद्र से या सूर्य-मंगल-शनि द्वारा दृष्टि या राशि अनुसार हो जाये तो सोने में सुहागा बन जाता है। जातक उच्च पद पर आसीन होकर सम्मान पूर्वक धन-संपदा-खुशियां प्राप्त करता है। शेष जानकारी अगले हफ्ते मिलेगा।
NOTE: प्रत्येक गुरुवार को गुरु प्रसाद मिलता रहेगा जो जिज्ञासु लोग है उनकी इच्छा पूर्ण होती है। यह जानकारी गुरु के आशीर्वाद से मिलता है आप सभी को देने का प्रयास करता हूं। जिज्ञासु लोग करियर की जानकारी और लाइफ चेंज के लिए ऑनलाइन भी संपर्क कर सकते हैं। नोएडा-लखनऊ-कानपुर आप का साथी ज्योतिषाचार्य राम नजर मिश्र रत्न रुद्राक्ष विशेषज्ञ, 9415126330, 6386254344.
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