भारत छोड़ो आंदोलन को PM मोदी ने किया याद
दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ऐतिहासिक भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से भारत की स्वतंत्रता के संघर्ष में उनके साहस और दृढ़ संकल्प को याद किया।
Our Tricolour is our pride and a constant source of inspiration to always give our best for the nation.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 9, 2026
Let us participate enthusiastically in the #HarGharTiranga movement and renew our collective resolve to contribute towards building a Viksit Bharat. Glad that this year’s… https://t.co/XH8Z1JI6my
ऐतिहासिक भारत छोड़ो आंदोलन
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा- “इस आंदोलन में शामिल लोगों का बलिदान और संकल्प भारतीयों की आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। प्रधानमंत्री ने कहा, “ऐतिहासिक भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने वाले सभी लोगों को याद करता हूं। उनका साहस हमेशा हर भारतीय के लिए प्रेरणा बना रहेगा।”
Read More: काकोरी ट्रेन एक्शन-डे पर CM योगी की तिरंगा यात्रा
आंदोलन में महात्मा गांधी की भूमिका को याद करते हुए मोदी ने कहा- “महात्मा गांधी जी के नेतृत्व से प्रेरित होकर भारत छोड़ो आंदोलन के आह्वान ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा का संचार किया और औपनिवेशिक शासन से मुक्त होने के लिए हमारे लोगों के अटूट संकल्प को प्रतिबिंबित किया।”

‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की याद
गौरतलब है कि ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी द्वारा ‘भारत छोड़ो’ प्रस्ताव पारित होने के बाद शुरू किया गया था। इसी दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने “करो या मरो” का ऐतिहासिक नारा दिया था। यह आंदोलन ब्रिटिश शासन के खिलाफ सबसे बड़े जन-आंदोलनों में से एक था। औपनिवेशिक अधिकारियों की कड़ी कार्रवाई के बावजूद, देश भर के लोगों ने विरोध प्रदर्शनों, हड़तालों और प्रतिरोध की गतिविधियों में हिस्सा लिया।
Remembering all those who participated in the historic Quit India Movement. Their courage will always remain an inspiration for every Indian. Inspired by the leadership of Mahatma Gandhi Ji, the clarion call of Quit India infused new energy into our freedom struggle and reflected…
— Narendra Modi (@narendramodi) August 9, 2026
आंदोलन शुरू होने के कुछ ही समय बाद ब्रिटिश सरकार ने महात्मा गांधी जी और कांग्रेस के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। नेताओं की गिरफ्तारी के बावजूद, छात्रों, मज़दूरों, किसानों और आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी से यह आंदोलन जारी रहा। यह आंदोलन भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अंतिम चरण की एक निर्णायक घटना बन गया और इसने ब्रिटिश शासन को समाप्त करने की बढ़ती मांग को स्पष्ट रूप से सामने रखा। दशकों तक चले राजनीतिक लामबंदी और औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष के बाद आखिरकार 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ।
भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने आंदोलन के स्थायी महत्व और देश के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले लोगों के साहस को रेखांकित किया।

