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राहुल गांधी ने लॉन्च किया ‘सत्याग्रह’ प्लेटफॉर्म

दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘सत्याग्रह’ नाम से एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से देशभर के लोग अन्याय के खिलाफ अपने संघर्ष और मुद्दों को उनसे साझा कर सकेंगे।

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‘सत्याग्रह’ डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शनिवार को कहा- देशभर में लोग अपने हक के लिए लड़ रहे हैं और अक्सर अकेले लड़ रहे हैं। ‘सत्याग्रह‘ इन्हीं आवाजों को एक नक्शे पर साथ लाने की पहल है, ताकि स्थानीय स्तर पर चल रहे संघर्षों को राष्ट्रीय मंच मिल सके। पार्टी ने यह जानकारी शनिवार को साझा करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने शुक्रवार को गांधी जयंती के अवसर पर इस सोशल मीडिया प्लेटफार्म को लांच किया है। राहुल गांधी ने इस प्लेटफार्म के बारे में आज कहा- ” देशभर में लोग अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

मैं आपकी बात सुन रहा हूं।”- राहुल

नेता विपक्ष के तौर पर आपकी लड़ाई मेरी लड़ाई है। अब नये सत्याग्रह का समय है। आप किन मुद्दों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, मुझे बताइए। मैं आपकी बात सुन रहा हूं।” उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जमीन, महिलाओं के अधिकार, दलितों और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के अधिकार, शिक्षा तथा परीक्षाओं सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

‘सत्याग्रह’ के माध्यम से इन आंदोलनों को संगठित करने और एक नक्शे पर साथ लाने का प्रयास किया जाएगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक नेता विपक्ष को बता सकते हैं कि वे कौन हैं, उनके लिए क्या महत्वपूर्ण है और उनके अधिकारों के रास्ते में कौन खड़ा है।

संघर्ष की कहानी करें साझा

लोगों द्वारा साझा किया गया प्रत्येक मुद्दा ‘सत्याग्रह मैप’ पर एक पिन के रूप में दिखाई देगा। राहुल गांधी ने कहा कि मुद्दे की गंभीरता और प्राथमिकता के आधार पर ज़रूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि लोगों की आवाज सड़क से लेकर संसद तक सुनी जा सके। उन्होंने कहा- “जहां सच को कुचला जा रहा है, वहां लोगों को उसका विरोध करने में मदद करना नेता विपक्ष के तौर पर मेरी जिम्मेदारी है।” ‘

सत्याग्रह’ प्लेटफॉर्म पर लोग अपने संघर्ष की कहानी साझा कर सकते हैं। राहुल गांधी ने कहा- वह संसद, सड़क, पत्र लिखकर या जहां भी उनकी जरूरत होगी, लोगों के साथ खड़े होकर मदद करने का प्रयास करेंगे।

यहां बताएं अपने सत्याग्रह को कहानी

देशभर में लोग अपने हक़ के लिए लड़ रहे हैं – और अक्सर अकेले लड़ रहे हैं। Gen Z, छात्र, किसान, आदिवासी, दलित, महिलाएँ – हर संघर्ष की अपनी कहानी है। पर जो आवाज़ अकेली उठती है, वो अक्सर दब जाती है।’सत्याग्रह’ इन्हीं आवाज़ों को एक नक्शे पर साथ लाने की पहल है।

‘सत्याग्रह’ प्लेटफॉर्म – https://rahulgandhi.in/satyagraha?lang=hi

बापू ने यही सिखाया था – सच सबसे बड़ा हथियार है। पर उससे भी बड़ा हथियार है, एकता में सच के साथ खड़े होना। अगर आप भी किसी अन्याय से लड़ रहे हैं – अपनी कहानी भेजिए। दो मिनट लगेंगे।

आपकी कहानी नक्शे पर आएगी। आप देखेंगे कि आपकी तरह और कौन-कौन लड़ रहा है। और मैं जो कर सकता हूँ, करूँगा – संसद में, सड़क पर, खत लिखकर, जहां भी मेरी ज़रूरत हो वहां आपके साथ खड़े होकर – नेता विपक्ष के रूप में ये मेरी ज़िम्मेदारी है। अपने सत्याग्रह को कहानी मुझे यहां बताएं…

‘सत्याग्रह’ में दो मिनट लगेंगे

कहीं छात्र पेपर लीक के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे हैं। कहीं किसान अपनी ज़मीन के लिए लड़ रहे हैं। कहीं आशा कार्यकर्ता महीनों से मानदेय की मांग कर रही हैं। कहीं आदिवासी अपने जंगल बचाने के लिए खड़े हैं। हर आंदोलन अपनी अलग लड़ाई लड़ रहा है इसलिए हर आंदोलन को लगता है कि वो अकेला है। इसलिए ‘सत्याग्रह‘ – आपका आंदोलन जहाँ भी चल रहा हो, उसकी बात सीधे मुझ तक पहुँचाइए। दो मिनट लगेंगे – दिल्ली आने की ज़रूरत नहीं।

आपका आंदोलन नक्शे पर आ जाएगा – और आप देख पाएंगे कि देश में और कौन-कौन वही लड़ाई लड़ रहा है। बिखरे हुए आंदोलन दबा दिए जाते हैं। जुड़े हुए आंदोलन सरकारें झुका देते हैं।

https://rahulgandhi.in/satyagraha?lang=hi

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