
योगी सरकार का डिजिटल शिक्षा मिशन! घर-घर पहुंचेगी पढ़ाई
- डिजिटल शिक्षा को घर-घर पहुंचा रही योगी सरकार, पीएम ई-विद्या पर एक मंच में मिलेंगे पढ़ाई के जरूरी संसाधन
- एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विद्यार्थियों को पढ़ाई से जुड़े आवश्यक संसाधन निःशुल्क उपलब्ध
- डिजिटल लर्निंग को अधिक समावेशी, सुलभ और प्रभावशाली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
- एंड्रॉयड और आईओएस दोनों उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है पीएम ई-विद्या ऐप
- एससीईआरटी के माध्यम से डिजिटल संसाधनों को विद्यार्थियों और शिक्षकों तक पहुंचाने पर जोर

लखनऊ: योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल को लगातार विस्तार दे रही है। सरकार का जोर है कि डिजिटल संसाधन विद्यार्थियों की पहुंच से दूर रहने वाली सुविधा न होकर सीखने का सहज, सुलभ और प्रभावी माध्यम बनें। इसी दिशा में पीएम ई-विद्या डिजिटल प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों और शिक्षकों को पढ़ाई से जुड़े आवश्यक संसाधन एक ही मंच पर निःशुल्क उपलब्ध करा रहा है।
एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान के मुताबिक, पीएम ई-विद्या के माध्यम से डिजिटल लर्निंग को व्यापक स्तर पर विद्यार्थियों तक पहुंचाने और उपलब्ध शैक्षिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। डिजिटल संसाधनों की आसान उपलब्धता विद्यार्थियों के सीखने के अवसरों को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। एक ही मंच पर सामग्री उपलब्ध होने से डिजिटल शिक्षा को अधिक समावेशी, सुलभ और प्रभावशाली बनाने में मदद मिलेगी। सोशल मीडिया के माध्यम से भी पीएम ई-विद्या ऐप के बारे में जानकारी साझा की जा रही है, जिससे विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक इससे जुड़ सकें।

पीएम ई-विद्या कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तर प्रदेश को आवंटित DTH टीवी चैनलों पर एससीईआरटी, उत्तर प्रदेश द्वारा प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक की शैक्षणिक सामग्री का 24×7 प्रसारण किया जा रहा है। ये चैनल DD फ्री डिश DTH पर निःशुल्क उपलब्ध हैं।
यह कार्यक्रम YouTube एवं PM e-Vidya मोबाइल… pic.twitter.com/4fIuNz0G4n— Department Of Basic Education Uttar Pradesh (@basicshiksha_up) September 10, 2026
ज्ञात हो कि योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा नीति का लक्ष्य तकनीक को शिक्षा का विकल्प बनाने के साथ-साथ उसे सीखने की प्रक्रिया का प्रभावी सहयोगी बनाना है। पीएम ई-विद्या इसी सोच को व्यापक डिजिटल पहुंच में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रशिक्षण से सशक्त होगा मीना मंच सशक्त होगा बालिकाओं का आत्मविश्वास
सीमैट, प्रयागराज में मीना मंच कार्यक्रम के अंतर्गत दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण संपन्न हुआ। दो बैचों में कुल 100 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में मीना मंच एवं सेल्फ-एस्टीम कार्यक्रम,… pic.twitter.com/gmRT99vLtR— Department Of Basic Education Uttar Pradesh (@basicshiksha_up) September 10, 2026
एक मंच पर पढ़ाई के जरूरी संसाधन
पीएम ई-विद्या को विद्यार्थियों के लिए डिजिटल शिक्षा के एक उपयोगी मंच के रूप में देखा जा रहा है। इसमें पढ़ाई से जुड़े आवश्यक डिजिटल संसाधनों तक एक ही स्थान से पहुंच बनाने की सुविधा है। इससे विद्यार्थियों को सीखने के लिए अलग-अलग माध्यमों पर निर्भरता कम होगी और डिजिटल सामग्री तक पहुंच अधिक सहज होगी।
निशुल्क उपलब्ध डिजिटल संसाधन
पीएम ई-विद्या की महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि डिजिटल लर्निंग से जुड़े संसाधन निशुल्क उपलब्ध हैं। इससे विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार डिजिटल माध्यम का उपयोग कर अध्ययन कर सकते हैं। शिक्षक भी उपलब्ध डिजिटल संसाधनों को अपनी कक्षा शिक्षण प्रक्रिया के सहयोगी माध्यम के रूप में उपयोग कर सकते हैं।
एंड्रॉयड और आईओएस पर ऐप उपलब्ध
पीएम ई-विद्या ऐप एंड्रॉयड और आईओएस, दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। एंड्रॉयड उपयोगकर्ता इसे गूगल प्ले स्टोर तथा आईओएस उपयोगकर्ता एप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इससे विभिन्न डिजिटल उपकरणों का उपयोग करने वाले विद्यार्थी और शिक्षक इस मंच से जुड़ सकते हैं।
कोट: योगी सरकार प्रदेश के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल संसाधनों के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है। पीएम ई-विद्या जैसे प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर पढ़ाई से जुड़े आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज और प्रभावी बनाते हैं। हमारा प्रयास है कि तकनीक का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचे और डिजिटल शिक्षा उनके सीखने का मजबूत माध्यम बने।- संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा
कोट: डिजिटल संसाधनों की आसान और निशुल्क उपलब्धता विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए सीखने और सिखाने के नए अवसर खोलती है। पीएम ई-विद्या के माध्यम से एक ही मंच पर शैक्षिक संसाधनों की उपलब्धता से डिजिटल लर्निंग को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। एससीईआरटी एवं विभागीय स्तर पर हमारा प्रयास है कि इन संसाधनों का विद्यालयी शिक्षण में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो।- मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक
