
गुरुवार का ज्ञान: गुरु शिक्षा मित्र और शत्रु की पहचान
गुरु शिक्षा: गुरु प्रसाद में आज गुरु ज्ञान में आज का विषय मित्र और शत्रु की पहचान कैसे करें, जैसा कि प्रत्येक रविवार और गुरुवार को ज्योतिष सीखते आए हैं, वैसे ही आज गुरुवार को गुरु प्रसाद में आज का विषय मित्र और शत्रु की पहचान कैसे करें…
दीप ज्ञान ज्योतिष में सीखे आज का विषय मित्र और शत्रु की पहचान कैसे करें… ज्योतिष में जैसा की प्रत्येक गुरुवार और रविवार को हम सब मिलकर ज्योतिष सीखते हैं।
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ज्योतिष से मित्र और शत्रु की पहचान

आज का विषय मित्र और शत्रु की पहचान ज्योतिष में बालक या कन्या का जब जन्म होता है उस समय आकाश मंडल में चंद्रमा किसी एक नक्षत्र में होता है उसी नक्षत्र का एक चरण होता उसका कोई एक ग्रह होता और उसी का एक देवता भी होता है।
अश्विनी नक्षत्र में जन्म हुआ उस का स्वामी ग्रह मंगल होता जिसमें जन्म लिया उसका मेष राशि हुआ। दूसरे पक्ष का जन्म कुंभ राशि में हुआ जिसका स्वामी शनि हुआ, अब शनि और मंगल ग्रह में एक दूसरे से शत्रु भाव रखते हैं। उनके विचार मिलेंगे नहीं आपसी भिन्नता रहेगी।
ग्रहों की मैत्री नहीं होने के कारण शत्रुता रहेगी, आपसी टकराव होगा। जब कभी साझे का व्यापार करें तो मित्र व शत्रु का विचार किसी जानकार ज्योतिषी से कर ले व्यापार सफल होगा। उसी प्रकार हर जगह विचार करके समंजस बनाए उसी तरह से तत्व का वर्ण का नव तारा से मित्रता देखी जाती है आगे समय-समय पर जानकारी मिलती रहेगी।
NOTE: प्रत्येक गुरुवार को गुरु प्रसाद मिलता रहेगा जो जिज्ञासु लोग है उनकी इच्छा पूर्ण होती है। यह जानकारी गुरु के आशीर्वाद से मिलता है आप सभी को देने का प्रयास करता हूं। जिज्ञासु लोग करियर की जानकारी और लाइफ चेंज के लिए ऑनलाइन भी संपर्क कर सकते हैं। नोएडा-लखनऊ-कानपुर आप का साथी ज्योतिषाचार्य राम नजर मिश्र रत्न रुद्राक्ष विशेषज्ञ, 9415126330, 6386254344.
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