
राजभर का अखिलेश पर तंज, सपा और PDA पर उठाया सवाल
लखनऊ। राज्यसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। बतादें कि सपा के दो राज्यसभा उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। जी हां समाजवादी पार्टी की ओर से प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी ने बुधवार को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इस दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौजूद रहे।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव राज्य सभा चुनाव के लिए पार्टी प्रत्याशी राम गोपाल यादव एवं धनराज परिमल नथवानी के नामांकन पत्र दाखिल करने पहुंचे। pic.twitter.com/5XxkkgrzBd
— Sonu Yadav (@SonuAhir1210) September 30, 2026
हालांकि, सपा ने अभी तक अपने तीसरे उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है। ऐसे में अब राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात को लेकर है कि पार्टी तीसरे उम्मीदवार के तौर पर किसे मैदान में उतारती है।

चच्चू शिवपाल–भाई धर्मेंद्र पर राजभर का वार
अखिलेश जी!
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) September 29, 2026
सुना है आपके समाजवादी पार्टी दफ्तर में चच्चू शिवपाल यादव और भाई धर्मेंद्र यादव को घुसने के लिए आपकी परमिशन चाहिए। आप हरी झंडी देंगे, तभी एंट्री मिलेगी! ना किया तो बेआबरू होकर वापसी करनी होगी।
जिस शिवपाल यादव ने मुलायम सिंह यादव जी के साथ गांव-गांव घूमकर समाजवादी…
अखिलेश जी! सुना है आपके समाजवादी पार्टी दफ्तर में चच्चू शिवपाल यादव और भाई धर्मेंद्र यादव को घुसने के लिए आपकी परमिशन चाहिए। आप हरी झंडी देंगे, तभी एंट्री मिलेगी! ना किया तो बेआबरू होकर वापसी करनी होगी।
Read More: सपा के नथवानी ने भरा नामांकन, तीसरे नाम पर सस्पेंस
जिस शिवपाल यादव ने मुलायम सिंह यादव जी के साथ गांव-गांव घूमकर समाजवादी पार्टी को सींचा, संगठन खड़ा करने में जिंदगी लगा दी, आज उसी चच्चू को पार्टी दफ्तर जाने के लिए भतीजे की हरी झंडी का इंतजार करना पड़ रहा है?
धर्मेंद्र यादव का भी यही हाल है। अगर परिवारवालों का ये हाल है तो सोचिए बाकी नेताओं की स्थिति क्या होगी। चच्चू से राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन पार्टी खड़ी करने में उनका भी पसीना लगा है। तरस इस बात पर आता है कि चच्चू को बुढ़ापे में ये सब देखना पड़ रहा है। ख़ैर, ऊपरवाला सब देख रहा है। वही मान-स्वाभिमान का न्याय करेगा। जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण, जय महाराजा सुहेलदेव!
अखिलेश जी,
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) September 30, 2026
सुना है आप राज्यसभा के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में उतारने जा रहे हैं। ये बताइए, तीनों आपके “पीडीए” वाले होंगे या नहीं?
पहला तो प्रोफेसर साहब हैं। ये आपके पीडीए वाले “परिवार” से हो गए। अब “डी” और “ए” से कौन होगा? डी से कोई “दौलतमंद” होगा क्या? ए से कोई “अपराधी”?…
पीडीए का राजभर ने बताया मतलब
अखिलेश जी, सुना है आप राज्यसभा के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में उतारने जा रहे हैं। ये बताइए, तीनों आपके “पीडीए” वाले होंगे या नहीं? पहला तो प्रोफेसर साहब हैं। ये आपके पीडीए वाले “परिवार” से हो गए। अब “डी” और “ए” से कौन होगा? डी से कोई “दौलतमंद” होगा क्या? ए से कोई “अपराधी”?
बताइयेगा, क्योंकि सभी पिछड़े वर्ग के लोग, दलित भाई और मुसलमान भाई जानना चाह रहे हैं कि आपके पीडीए में परिवार, दौलतमंद और अपराधियों को कैसे आप संसद के ऊपरी सदन भेजने की जुगत में लगे हैं। आख़िर में एक और सलाह है। तीन के चक्कर में दूसरा मत गंवा दीजिएगा। जय भारत, जय श्रीराम, जय श्री कृष्ण, जय महाराज सुहेलदेव।
अखिलेश जी, सही जा रहे हैं आप। परिवार और धनपति के नाम का तो ऐलान कर ही दिया आपने। अब बस एक अपराधी को अपना प्रत्याशी बना दीजिए, आपका पीडीए पूरा हो जाएगा। वही पीडीए जिसमें पी से परिवार, डी से दौलतमंद और ए से अपराधी है। पी से परिवार के प्रो रामगोपाल जी आ गए, डी से दौलतमंद से धनराज नाथवानी जी हो गए। अब एक अपराधी बचा है, घोषणा कर दीजिए।
अखिलेश जी,
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) September 30, 2026
सही जा रहे हैं आप। परिवार और धनपति के नाम का तो ऐलान कर ही दिया आपने। अब बस एक अपराधी को अपना प्रत्याशी बना दीजिए, आपका पीडीए पूरा हो जाएगा। वही पीडीए जिसमें पी से परिवार, डी से दौलतमंद और ए से अपराधी है। पी से परिवार के प्रो रामगोपाल जी आ गए, डी से दौलतमंद से धनराज…
तीसरे उम्मीदवार पर अखिलेश यादव ने नहीं खोले पत्ते
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही संकेत दे चुके हैं कि पार्टी राज्यसभा चुनाव में दो नहीं, बल्कि तीन उम्मीदवार उतार सकती है। बुधवार को दो उम्मीदवारों के नामांकन के बाद अब तीसरे प्रत्याशी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
नामांकन के बाद विधानसभा परिसर से बाहर निकलते समय जब अखिलेश यादव से तीसरे उम्मीदवार के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने सीधे तौर पर नाम बताने के बजाय कहा कि प्रदेश में PDA पर सबसे ज्यादा अन्याय हो रहा है और जनता 2027 के चुनाव में इसका जवाब देगी।
तीसरे उम्मीदवार के लिए समर्थन जरूरी
बताते चले कि उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। राज्यसभा चुनाव में विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं। एक सीट जीतने के लिए 37 विधायकों के मत की आवश्यकता है। सपा के पास वर्तमान में 95 विधायक बताए जा रहे हैं। ऐसे में पार्टी दो उम्मीदवारों को जीत दिलाने की स्थिति में है, लेकिन तीसरे उम्मीदवार के लिए अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।
पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी संजय सेठ के पक्ष में मतदान करने वाले सपा के कुछ विधायक इस बार पार्टी के गणित में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इनमें राकेश पांडेय, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी और आशुतोष मौर्य के नाम शामिल हैं। पूजा पाल भाजपा की पदाधिकारी हैं, जबकि बाकी विधायकों को लेकर सपा को अपने पक्ष में समर्थन की उम्मीद है।
