
सपा के नथवानी ने भरा नामांकन, तीसरे नाम पर सस्पेंस
लखनऊ। राज्यसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। बतादें कि सपा के दो राज्यसभा उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। जी हां समाजवादी पार्टी की ओर से प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी ने बुधवार को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इस दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौजूद रहे।

हालांकि, सपा ने अभी तक अपने तीसरे उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है। ऐसे में अब राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात को लेकर है कि पार्टी तीसरे उम्मीदवार के तौर पर किसे मैदान में उतारती है।
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कौन हैं धनराज परिमल नथवानी?
धनराज परिमल नथवानी का नाम सपा के राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में सामने आना राजनीतिक तौर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में ग्रुप प्रेसिडेंट हैं। इसके अलावा वह रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड के डायरेक्टर भी हैं।
धनराज नथवानी के पिता परिमल नथवानी झारखंड से भाजपा समर्थित निर्दलीय राज्यसभा सांसद हैं। परिमल नथवानी लंबे समय से रिलायंस समूह से जुड़े हुए हैं और कंपनी के वरिष्ठ रणनीतिकार के तौर पर जाने जाते हैं।
आज समाजवादी पार्टी की ओर से राज्यसभा प्रत्याशी आदरणीय प्रो. रामगोपाल यादव जी एवं श्री धनराज परिमल नथवानी जी के नामांकन कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। pic.twitter.com/574uiWxVk6
— Akshay Yadav (@akshayyadavmp) September 30, 2026
तीसरे उम्मीदवार पर अखिलेश यादव ने नहीं खोले पत्ते
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही संकेत दे चुके हैं कि पार्टी राज्यसभा चुनाव में दो नहीं, बल्कि तीन उम्मीदवार उतार सकती है। बुधवार को दो उम्मीदवारों के नामांकन के बाद अब तीसरे प्रत्याशी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
नामांकन के बाद विधानसभा परिसर से बाहर निकलते समय जब अखिलेश यादव से तीसरे उम्मीदवार के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने सीधे तौर पर नाम बताने के बजाय कहा कि प्रदेश में PDA पर सबसे ज्यादा अन्याय हो रहा है और जनता 2027 के चुनाव में इसका जवाब देगी।
तीसरे उम्मीदवार के लिए समर्थन जरूरी
बताते चले कि उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। राज्यसभा चुनाव में विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं। एक सीट जीतने के लिए 37 विधायकों के मत की आवश्यकता है। सपा के पास वर्तमान में 95 विधायक बताए जा रहे हैं। ऐसे में पार्टी दो उम्मीदवारों को जीत दिलाने की स्थिति में है, लेकिन तीसरे उम्मीदवार के लिए अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।
पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी संजय सेठ के पक्ष में मतदान करने वाले सपा के कुछ विधायक इस बार पार्टी के गणित में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इनमें राकेश पांडेय, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी और आशुतोष मौर्य के नाम शामिल हैं। पूजा पाल भाजपा की पदाधिकारी हैं, जबकि बाकी विधायकों को लेकर सपा को अपने पक्ष में समर्थन की उम्मीद है।
अब तीसरे नाम का इंतजार
प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी के नामांकन के बाद सपा की ओर से तीसरे उम्मीदवार के नाम का इंतजार है। तीसरे प्रत्याशी के चयन के साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि पार्टी अतिरिक्त समर्थन जुटाने के लिए किस तरह का राजनीतिक समीकरण तैयार करती है। यूपी की 10 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान होना है और इससे पहले तीसरे उम्मीदवार को लेकर सियासी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
