योगी कैबिनेट बैठक आज: कई अहम प्रस्तावों को मिलेगी मंजूरी
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगवाई में मंगलवार को उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की प्रस्तावित बैठक में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, उद्योग, परिवहन समेत कई विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए जाने की संभावना है। नए साल में सरकार जनता को एक और बड़ी राहत देने की तैयारी में है।

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कैबिनेट बैठक में प्रस्तावों को मिलेगी मंजूरी
सूत्रों के मुताबिक, आवासीय और कृषि भूमि के बाद अब औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों को भी गिफ्ट डीड के दायरे में लाने का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। यदि इसे मंजूरी मिलती है तो औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों की रजिस्ट्री भी परिजनों के नाम महज पांच हजार रुपये के स्टांप शुल्क पर कराई जा सकेगी। यह फैसला उद्योग जगत और व्यापारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की अध्यक्षता में आज लोक भवन, लखनऊ में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई।
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) January 6, 2026
बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास एवं जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। pic.twitter.com/yoKIQ8HHgP
बैठक में उद्योग विभाग द्वारा तैयार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर की गाइडलाइन पर भी मुहर लग सकती है। इसके अलावा पीलीभीत में बस स्टेशन निर्माण के लिए भूमि आवंटन का प्रस्ताव एजेंडे में शामिल है। 500 रुपये तक के स्टांप पर यूजर चार्ज तय करने और प्रदेश में सेमीकंडक्टर पार्क की स्थापना को लेकर भी अहम फैसले लिए जाने की संभावना है। कुल मिलाकर, मंगलवार की कैबिनेट बैठक से सरकार की नीतिगत दिशा और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर कई बड़े संकेत मिलने की उम्मीद है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले हो सकते है बदलाव
गौरतलब है कि प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलों का बाजार एक बार फिर गर्म हो गया है। मौजूदा समय में प्रदेश मंत्रिमंडल में 54 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम संख्या 60 हो सकती है। जितिन प्रसाद के केंद्र में मंत्री बनने और अनूप प्रधान वाल्मीकि के सांसद चुने जाने के बाद कुछ पद रिक्त चल रहे हैं।

बताया जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए इस बार मंत्रिमंडल विस्तार का आकार अपेक्षाकृत बड़ा हो सकता है। कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी के साथ ही कई विभागों में फेरबदल संभव है। साथ ही संगठन और अन्य क्षेत्रों से नए चेहरों को सरकार में शामिल किया जा सकता है।
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फिलहाल सरकार और संगठन में पूर्वांचल का दबदबा माना जा रहा है। ऐसे में पश्चिमी यूपी को संतुलन साधने के लिए ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को एक बार फिर मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। पार्टी सामाजिक समीकरणों के साथ-साथ क्षेत्रीय संतुलन को भी साधने पर जोर दे रही है। इसे लेकर पार्टी और संघ स्तर पर लगातार मंथन और रायशुमारी चल रही है।

कैबिनेट बैठक में क्या-क्या हुआ?
- कुल 13 प्रस्ताव पारित किए गए।
- उत्तर प्रदेश राज्य में परिवार के सदस्यों के मध्य निष्पादित अचल संपत्ति के दान विलेख पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क में छूट।
- परिवार के बीच दान विलेख पर स्टाम्प शुल्क में राहत, अब व्यावसायिक व औद्योगिक संपत्तियां भी शामिल,पारिवारिक सदस्यों को दान दी गई संपत्ति पर देय अधिकतम ₹5,000 स्टाम्प शुल्क होगा।
- जनपद कुशीनगर की तहसील कप्तानगंज में व जनपद झाँसी स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन कार्यालय खोले जाने के सम्बन्ध में प्रस्ताव पास।
- उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र(जीसीसी) नीति 2024 के क्रियान्वयन सम्बन्धी नियमावली 2025 के सम्बन्ध में प्रस्ताव पास।
- उच्च शिक्षा विभाग- जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की मान्यता समाप्त।
