लखनऊ में ‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद, 16 शर्तें लागू
लखनऊ: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती आज देर शाम तक लखनऊ पहुंचेंगे। उनके कार्यक्रम को शर्तो के साथ अनुमति दे दी गई है। इसके लिए 26 शर्त रखी गई हैं। जिसके साथ ही ‘गौ माता प्रतिष्ठा संकल्प महासभा’ के लिए अनुमति दे दी गई हैं।
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— 1008.Guru (@jyotirmathah) March 10, 2026
गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद सभा
11 मार्च को लखनऊ के कांशीराम स्मृति उपवन में pic.twitter.com/IAR1v6QIF6
कार्यक्रम की शर्ते
- ‘गौ माता प्रतिष्ठा संकल्प महासभा’ के लिए अनुमति दे दी
- 11 मार्च को कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर प्रस्तावित है, जहां शंकराचार्य ‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद करेंगे।
- जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने वाराणसी से शुरू की गई अपनी पदयात्रा को धर्मयुद्ध का नाम दिया है।
- यह यात्रा गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ या राज्यमाता’ का दर्जा दिलाने, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गौ संरक्षण की मांग को लेकर निकली है।
- शंकराचार्य ने पहले यूपी सरकार को 40 दिनों का अल्टीमेटम दिया था, जिसके बाद यह अभियान शुरू हुआ।
- यात्रा 7 मार्च को काशी से शुरू हुई, जिसमें जौनपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली, उन्नाव जैसे जिलों से होते हुए 11 मार्च को लखनऊ पहुंचने का कार्यक्रम है।
- प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति देते हुए 16 सख्त नियम और शर्तें लगाई हैं, ताकि शांति, यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।

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16 सख्त नियम और शर्तें
- किसी भी धर्म, जाति, संप्रदाय या भाषा के खिलाफ भड़काऊ भाषण पर पूर्ण प्रतिबंध।
- राजनीतिक या धार्मिक व्यक्तियों के खिलाफ विवाद फैलाने वाली टिप्पणियां नहीं।
- नाबालिग बच्चों से विवादित नारे नहीं लगवाए जाएंगे।
- वाहनों की सीमित संख्या में ही एंट्री, पार्किंग से यातायात बाधित नहीं होगा।
- केवल पारंपरिक ध्वज-दंड, कोई घातक वस्तु नहीं।
- ज्ञापन सक्षम अधिकारी को सौंपा जाएगा।
- कोई अप्रिय स्थिति होने पर आयोजकों की पूरी जिम्मेदारी, कानूनी कार्रवाई।
- पुलिस बल का खर्च आयोजकों द्वारा वहन।
- शांत क्षेत्र में लाउडस्पीकर, ढोल-नगाड़े या संगीत प्रतिबंधित।
- यातायात, अग्निशमन नियमों का पालन अनिवार्य।
- ध्वनि प्रदूषण नियम 2000 (धारा 3(1) और 4(1)) का सख्ती से अनुपालन, उल्लंघन पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत दंड।
- किसी भी शर्त के उल्लंघन पर अनुमति स्वतः निरस्त, कार्रवाई शुरू।
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महासभा की मांगों का ज्ञापन
आपको बताते चले कि शंकराचार्य 10 मार्च लखनऊ पहुंचेंगे और 11 मार्च को यह महासभा होगी, जिसमें गौ रक्षा के संकल्प के साथ मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। यह आयोजन सनातन आस्था और गौ संरक्षण से जुड़े लाखों श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शर्तों का पालन न होने पर कार्यक्रम रद्द हो सकता है।
