धर्म और संसकृति जो हमें जन्मों से जोड़ती है…
बतादें कि परशुराम जी का जन्म पुनर्वसु नक्षत्र में रात्रि के प्रथम पहर में पुत्रेष्टि से हुआ था।
Read Moreवहीं बात करें अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त की तो सनातन पंचांग के अनुसार सुबह 04 बजकर 17 मिनट पर शुरू होकर
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