चुनाव

लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव

चुनाव

लोकसभा चुनाव को लेकर 16 अप्रैल तारीख आई सामने! जानें दिल्ली सीईओ ने क्या कहा…

देश भर में जहां एक तरफ लोकसभा चुनाव के लिए सभी मैदान में उतर गए वहीं क्या सच में लोकसभा चुनाव को लेकर 16 अप्रैल की तारीख सामने आ गई है ?

Read More
चुनाव

लोकसभा चुनाव : बाराबंकी के सांसद उपेन्द्र सिंह रावत का राजनीतिक सफर

उपेन्द्र सिंह रावत ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार राम सागर रावत के खिलाफ चुनाव जीत कर बाराबंकी संसदीय सीट बीजेपी से एक बार फिर जीत का परचम लहराया है। आपको बताते चले कि इस सीट पर बीजेपी ने मौजूदा सांसद प्र‍ियंका सिंह रावत का टिकट काटकर उपेंद्र सिंह रावत को टिकट दिया था। वर्तमान में उपेन्द्र सिंह रावत एक भारतीय राजनीतिज्ञ और बाराबंकी से लोकसभा सांसद हैं। वे भारतीय जनता पार्टी के राजनेता भी हैं।

Read More
चुनाव

लोकसभा चुनाव : हमीरपुर सीट का इतिहास और सांसदों के वादे

यूपी के बुंदेलखंड की हमीरपुर लोकसभा सीट चित्रकूट धाम बांदा मंडल का हिस्सा है। वहीं अगर बात करें मौजूदा समय की तो इस समय में इस सीट पर बीजेपी का परचम लहर रहा है। वर्तमान में यहां से कुंवर पुष्पेंद्र स‍िंह चंदेल सांसद हैं। राजनीतिक रूप से इस संसदीय सीट पर सपा, बसपा, कांग्रेस और बीजेपी चारों पार्टियां जीत दर्ज कर चुकी हैं।

Read More
चुनाव

लोकसभा चुनाव : बाराबंकी जिले का शासकीय और राजनीतिक इतिहास

बाराबंकी जिले का मुख्य व्यवसाय कृषि है। यहां कि मुख्य फसलें चावल, गेहूं, दालें और अन्य खाद्यान्न और गन्ना हैं। बाराबंकी को तीन नदियों में घाघरा, गोमती और कल्याणी है। वहीं इस जिले में कुछ हस्तशिल्प और लघु उद्योग भी हैं। यहां कि यब भी मान्यता है कि नवाबों के शासनकाल के बाद से ही बाराबंकी बुनाई के लिए भी प्रसिद्ध है।

Read More
चुनाव

लोकसभा चुनाव : ड्रीम गर्ल मथुरा सांसद का फिल्मी दुनिया से राजनीतिक तक का सफर

हेमा ने 2003 में भारतीय जनता पार्टी की ओर से राज्‍यसभा सांसद बनकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। वह वर्तमान में उत्‍तरप्रदेश के मथुरा से लोकसभा सांसद हैं। हेमा मालिनी एक भारतीय अभिनेत्री, लेखिका, निर्देशक, निर्माता, नृत्यांगना और राजनीतिज्ञ हैं। उन्हें पूरी दुनिया ड्रीमगर्ल के नाम से भी जानती हैं, जो वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से लोकसभा सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। हेमा का जन्म तमिल भाषी चक्रवर्ती परिवार में 16 अक्टूबर 1948 को तमिलनाडु के अम्मानकुडी में हुआ था। उनके पिता का नाम वी.एस.आर. चक्रवर्ती और उनकी मां जया एक फिल्म निर्माता थीं। उन्हें चेन्नई स्थित आंध्र महिला सभा में नामांकित किया गया था।

Read More
चुनाव

लोकसभा चुनाव : राधा-कृष्ण की प्रेम नगरी मथुरा का इतिहास

मथुरा, भगवान कृष्ण की जन्मस्थली और भारत की प्राचीन नगरी है। पोराणिक कथा की माने तो शूरसेन की यहाँ राजधानी थी। वहीं मथुरा को भी कई नामों से जाना है जैसे- शूरसेन नगरी, मधुपुरी, मधुनगरी, मधुरा आदि। यह नगरी यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है। मथुरा ऐतिहासिक रूप से कुषाण राजवंश द्वारा राजधानी के रूप में विकसित नगर है। वहीं लोगों का यह भी मानना है कि लगभग 7500 वर्ष से यह नगर अस्तित्व में है जिसके साथ ही मथुरा धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध है।

Read More
चुनाव

लोकसभा चुनाव : उन्नाव सांसद साक्षी महाराज का जीवन और राजनीतिक सफरनामा

साक्षी महाराज ने शुरूआत भाजपा से की थीं और लोध समुदाय से आने वाले एक अन्य भाजपा नेता कल्याण सिंह और एक अन्य भाजपा नेता कलराज मिश्रा के साथ उनके घनिष्ठ संबंध थे।
1991 में लोकसभा के लिए मथुरा से चुने गए।
1996 और 1998 फर्रुखाबाद से, जहां लोधी बहुमत है।
1999 के आम चुनाव में, भाजपा द्वारा फर्रुखाबाद से टिकट नहीं दिए जाने के बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार किया।

Read More
चुनाव

लोकसभा चुनाव : उन्नाव सीट का इतिहास और राजनीतिक सफर

यूपी में 80 सीट है और हर सीट अलग अलग महत्व है, यूपी की 80 सीटे भारत की लोकसभा सीट में सबसे ज्यादा सीट मानी जाती हैं, वहीं आज हम आपको बताएंगे यूपी के उन्नाव सीट का इतिहास… यूपी का उन्नाव जिला पर जब फरवरी 1856 में अंग्रेजों ने कब्जा कर लिया था उसके बाद बनाया गया था। इसके पहले नवाबों के अधीन यह जिला अलग-अलग जिला और चकलाओं के बीच बंटा हुआ था। 1857-1858 के आजादी के संघर्ष के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी से ब्रिटिश क्राउन तक सत्ता का हस्तांतरण किया गया। जैसे ही आदेश बहाल किया गया था, नागरिक प्रशासन को जिले में फिर से स्थापित किया गया था जिसका नाम उन्नाव था।

Read More
चुनाव

लोकसभा चुनाव : बिछ गई बिसात, जानें कानपुर सांसद सत्यदेव पचौरी का राजनीतिक सफर

यूपी के कानपुर सीट का 80 सीटों में से एक सीट है जिसका अपना ही महत्व हैं, क्योंकि कानपुर को उधोग नगरी भी कहा जाता हैं वहीं अगर बात करें यहां के सांसद सत्यदेव पचौरी के जीवन की तो बताते चले सत्‍यदेव पचौरी भारत के यूपी के कानपुर जिले के सोलहवीं विधानसभा सभा में विधायक रहे। 2012 उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में इन्होंने उत्तर प्रदेश की गोविन्‍दनगर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र (निर्वाचन संख्या-212)से चुनाव जीता। कानपुर संसदीय क्षेत्र से 2019 में सांसद चुने गए। कैबिनेट मंत्री सत्‍यदेव पचौरी का जन्म मध्य प्रदेश स्थित भिंड जिले के मिहोना ग्राम में ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनका जन्म 12 अगस्त 1947 को ब्राह्मण परिवार में हुआ था, बता करें उनकी शिक्षा की तो पचौरी ने वी.एस.एस. डी विश्विद्यालय से रसायन विज्ञान में एम.एस.सी की शिक्षा प्राप्त की है। इसके साथ ही उन्होंने कॉलेज के समय से ही छात्र अध्यक्ष के रूप में चुना गया, यही से उनका राजनीति में पर्दापण हुआ

Read More
चुनाव

लोकसभा चुनाव : उद्योग नगरी कानपुर का राजनीतिक सफर और इतिहास

यूपी की 80 सीटों में कानपुर सीट का बहुत ही महत्व हैं, कानपुर ज़िला में स्थित एक औद्योगिक महानगर है। यह नगर गंगा नदी के दक्षिण तट पर बसा हुआ है। कानपुर का मूल नाम ‘कान्हपुर’ था। कानपुर शहर की स्थापना सचेन्दी राज्य के राजा हिन्दू सिंह ने की थी, वहीं ये भी माना जाता हैं कि अवध के नवाबों में शासनकाल के अंतिम चरण में यह नगर पुराना कानपुर, पटकापुर, कुरसवाँ, जुही तथा सीसामऊ गाँवों के मिलने से बना था। वहीं यह भी मान्यता है कि पड़ोस के प्रदेश के साथ इस नगर का शासन भी कन्नौज तथा कालपी के शासकों के हाथों में रहा और बाद में मुसलमान शासकों के 1773 से 1801 तक अवध के नवाब अलमास अली का यहाँ शासन रहा।

Read More