
कांग्रेस का हमला: ज्ञानेश कुमार को हटाओ, SIR रोको!
दिल्ली: कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को निलंबित करने की मांग की है।
Read More: नितिन नवीन का आरोप: विपक्ष फैलाना चाहता है अराजकता!
मोदी-शाह की कठपुतली बने ज्ञानेश
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने रविवार को कहा- लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पिछले दो वर्षों से मतदाता सूचियां उपलब्ध कराने की लगातार मांग करते रहे हैं लेकिन आयोग भी लगातार इस मांग को खारिज कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग ने 2018 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस द्वारा लाखों फर्जी मतदाताओं का पता लगाए जाने के बाद मतदाता सूचियों का खोजने योग्य प्रारूप उपलब्ध कराना बंद कर दिया था।
हम संविधान के रखवाले हैं और संविधान हमारा धर्म है।‘वोट चोरी’ कर इन्होंने हमारे धर्म पर आक्रमण किया है।नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी- वे लोग कांग्रेस से बचने वाले नहीं हैं।: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi📍 गोवा https://t.co/2LZ4eKbwBM
— Congress (@INCIndia) October 18, 2026
‘वोट चोरी’ के खिलाफ विरोध
जयराम रमेश ने कहा- अभी 15 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने आदेश जारी कर दो वर्ष के अंतराल के बाद 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में फिर शुरू हुए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के लिए राजनीतिक दलों को खोजने योग्य प्रारूप वाली मतदाता सूचियां यानी ऐसी मतदाता सूचियां जिनमें सर्च करके नाम आसानी से खोजे जा सकें, उपलब्ध कराने का फैसला किया।

उन्होंने कहा कि यह फैसला ‘वोट चोरी’ के खिलाफ देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जब भी ‘वोट चोरी’ पकड़ी जाती है, मोदी सरकार नई रणनीति अपनाती है। उन्होंने कहा कि पहले पढ़ने योग्य मतदाता सूचियां उपलब्ध कराने पर रोक लगाई गई, फिर फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़ने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसे कदम उठाए गए।
‘वोट चोर’ गैंग
— Congress (@INCIndia) October 18, 2026
(SIR) को तत्काल निलंबित की मांग
जयराम रमेश ने कहा- पीएम मोदी और अमित शाह के निर्देशों पर काम करने वाले मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार ने चुनाव आयोग के प्रति जनता के भरोसे को नुकसान पहुंचाया है इसलिये उन्हें तत्काल पद से हटना होगा। उन्होंने कहा कि केवल मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि चुनाव आयोग और उसकी सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली में व्यापक बदलाव करना होगा। उन्होंने 13 करोड़ से अधिक भारतीयों के संवैधानिक मतदान अधिकार को खतरे में डालने वाले (SIR) को तत्काल निलंबित करने की मांग की।
