ज्योतिष-धर्म

ज्योतिष ज्ञान में सीखें ज्योतिष: तत्व और वर्ण से करें कुंडली मिलान

ज्योतिष ज्ञान: राम राम जी जैसा कि आप सभी जानते है कि प्रत्येक गुरुवार और रविवार को ज्योतिष के क्लास में गुरु का प्रसाद मानकर हम लोग सीखते हैं। ठीक हर हफ्ते रविवार की तरह ज्योतिष ज्ञान में सीखे आज का विषय कुंडली का मिलान वर्ण एवम् तत्व द्वारा…

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कुंडली का मिलान

ज्योतिष ज्ञान में सीखें ज्योतिष: तत्व और वर्ण से करें कुंडली मिलान
ज्योतिष ज्ञान में सीखें ज्योतिष: तत्व और वर्ण से करें कुंडली मिलान

दीप ज्ञान ज्योतिष में सीखे आज का विषय कुंडली का मिलान वर्ण एवम् तत्व द्वारा, जैसा की प्रत्येक गुरुवार और रविवार को हम सब मिलकर ज्योतिष ज्ञान सीखते आए हैं। आज का विषय कुंडली का मिलान वर्ण एवम तत्व द्वारा…जैसा की महर्षि पाराशर ने मनुष्य को चार वर्ण और चार तत्व में लिखा है कि वर्ण व्यवस्था जन्म से नहीं नक्षत्र से देखा जाता है। बालक या कन्या किस नक्षत्र में जन्म हुआ उसका वर्ण क्या है उसको समझना होगा।

  • अग्नि तत्व और क्षत्रिय वर्ण की राशि मेष, सिंह, धनु है।
  • पृथ्वी तत्व और वैश्य वर्ण की राशि वृष, कन्या, मकर है।
  • वायु तत्व और शुद्र वर्ण की राशि मिथुन, तुला और कुंभ है।
  • जल तत्व और ब्राह्मण वर्ण की राशि कर्क, वृश्चिक, मीन है।

तत्व और वर्ण समझे

  • वर और कन्या का मिलान समान विचार के तत्व और वर्ण से करना चाहिए।
  • जैसे अग्नि तत्व का जल तत्व का विचार नहीं मिलता।
  • पृथ्वी तत्व का वायु तत्व का मिलान नहीं होगा।
  • अग्नि तत्व और वायु तत्व का विचार ठीक होगा।
  • अग्नि वायु को पाकर विकराल रूप धारण कर लेगी।
  • पृथ्वी जल को पाकर हरा भरा होगी।
ज्योतिष ज्ञान में सीखें ज्योतिष: तत्व और वर्ण से करें कुंडली मिलान
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वर्ण व्यवस्था में देखे

  • क्षत्रिय वर्ण शासन का काम करेगा, सरकारी नौकरी या व्यापार में नेतृत्व करेगा।
  • ब्राह्मण वर्ण शिक्षा का काम करेगा, सुपरवाइजर या टीचर प्रोफेसर एकाउंट आदि का काम करेगा।
  • शुद्र वर्ण सेवा का काम करेगा, पुलिस-अधिकारी-डाक्टर-नर्स या व्यापार में शारीरिक रूप से कार्य करना।
  • वैश्य वर्ण व्यापार द्वारा धन-सम्मान कमाना, उसमें अपना कैरियर देखना।

यह कार्य जन्म से नहीं नक्षत्र से जुड़ी हुई बाते हैं। हजारों वर्ष पहले हमारे ऋषियों ने वर्ण व्यवस्था को बताया था, मध्य कालीन युग में कुछ भ्रांतियां फैली तब जाती व्यवस्था को बताया गया। हमारा उद्देश्य है समाज में सही जानकारी हो जो पाराशर जी ने अपनी पुस्तक वृहत पाराशर संहिता में लिखा है। उसका प्रचार प्रसार हो
समाज की विषमता दूर किया जाये।

NOTE:- शेष अगले हफ्ते मिलेगा। ज्योतिष विषय सनातन धर्म से जुड़ा हुआ है गुरु के कृपा से मिलता है। यह जानकारी गुरु कृपा से मिलती है जिन लोगों को ज्योतिष में रुचि हो वह संपर्क करें धर्म परायण होकर साधना करें, आत्म चिंतन स्वाध्याय से प्रगति होगी। मिलने के लिए नोएडा, कानपुर, लखनऊ में अतिरिक्त जानकारी के लिए 9415126330, 6386254344 पर संपर्क करें। आप का साथी ज्योतिषाचार्य राम नजर मिश्र रत्न रुद्राक्ष विशेषज्ञ…

यह ज्ञान बहुत ही खूब सूरत है इसमें जितना घुसा जाए उतना मजा आता है जीवन का जीव का आत्म का ब्रह्मांड का प्रकृति का ज्ञान भरा पड़ा है। हमारा प्रयास है समाज में जो विद्या लुप्त होती जा रही है, उसको भ्रमित किया जा रहा है अल्प ज्ञानी उसका दुरुपयोग कर रहे है। उन तक ज्ञान का विस्तार पहुंचे, ज्योतिष संबंधी जानकारी जो हर हफ्ते दिया जाता है उसे सीखना चाहते है तो राम नजर मिश्र ज्योतिषाचार्य रत्न रुद्राक्ष विशेषज्ञ से संपर्क करें, बाकी ज्योतिष से जुड़ी विशेष जानकारी के लिए भी संपर्क करें।

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