FCRA विधेयक पर मायावती ने सरकार-विपक्ष को घेरा!
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों पर राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।
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विपक्ष संसद नहीं चलने दे रहे- मायावती
उन्होंने गुरुवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा- “बेहतर होता यदि विपक्ष इस विधेयक को रोकने के बजाय संसद को चलने देता और इसकी कमियों को उजागर करता, लेकिन उसने संसद को अपनी जिद के हिसाब से नहीं चलने दिया।”
1. जैसाकि सर्वविदित है कि FCRA संशोधन बिल, जिसे सरकार अति-महत्वपूर्ण बताकर अन्य विधेयकों की तरह ही इसे तुरन्त पास कराना चाहती थी, किन्तु विपक्ष के ज़बरदस्त विरोध के चलते व संसद में इस पर बिना प्रारम्भिक चर्चा के ही इसे कल काफी आपाधापी में संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेज दिया…
— Mayawati (@Mayawati) August 13, 2026
सुश्री मायावती ने कहा- “FCRA संशोधन विधेयक को सरकार अति-महत्वपूर्ण बताकर अन्य विधेयकों की तरह ही तत्काल पारित कराना चाहती थी, लेकिन विपक्ष के जबरदस्त विरोध के चलते संसद में इस पर बिना प्रारंभिक चर्चा के ही इसे कल काफी आपाधापी में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेज दिया गया।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दल इस विधेयक को विपक्ष पर असंसदीय तरीके से थोपे जाने का आरोप लगाकर इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। मायावती ने कहा कि सरकार विदेश फंडिंग के उपयोग में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कठोर बदलाव करना चाहती है। इससे स्पष्ट है कि इस विधेयक का सत्ता और विपक्ष दोनों ने राजनीतिकरण ज्यादा कर दिया है।
सरकार और विपक्ष ने किया राजनीतिकरण -मायावती

बसपा अध्यक्ष ने कहा- विपक्ष को चाहिए था कि वह विधेयक को सदन में रहने देता और उसकी कमियों को उजागर करता तथा उस पर चर्चा कराता, लेकिन उसने संसद को अपनी जिद के हिसाब से नहीं चलने दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे अनेक विधेयक भी हैं, जिन्हें विपक्ष द्वारा संसद को नहीं चलने देने के कारण सरकार ने चंद मिनटों में पारित कर दिया, जबकि विपक्ष ने उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। इससे विपक्ष की प्राथमिकता और उसके रवैये पर सवाल उठते हैं।
सुश्री मायावती ने कहा कि विपक्ष को देश में जनजीवन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में जनता की समस्याओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें जनहित के अन्य विषयों के साथ उठाना जरूरी है।
संसद में चर्चा करानी चाहिए- मायावती

उन्होंने अयोध्या में राममंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी यानी भ्रष्टाचार के मुद्दे को भी संसद में उठाए जाने की जरूरत बताई। मायावती ने कहा- विपक्ष को अपनी राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि से ऊपर उठकर इस मुद्दे पर भी संसद में चर्चा करानी चाहिए, क्योंकि यह विषय बहुत महत्वपूर्ण है।
बसपा अध्यक्ष ने कहा- देश की जनता, सत्ता और विपक्ष के बीच इस समय संसद सत्र के दौरान भी चल रही राजनीतिक स्वार्थ की लड़ाई से पूरी तरह सचेत रहते हुए उनकी पार्टी अपनी एकमात्र अंबेडकरवादी विचारधारा तथा ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीतियों व सिद्धांतों के आधार पर पूरी ईमानदारी से देश व जनहित में जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इसी समय समाज के हित में भी है।

