
राजनाथ सिंह का आरोप: कांग्रेस हिंसा से सत्ता चाहती है
लखनऊ: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी ) ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे पर किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन के जरिए देश में अस्थिरता पैदा करना चाहती है।
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कांग्रेस पर राजनाथ सिंह का आरोप
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का विरोध केवल चुनाव आयोग या मतदाता सूची के पुनरीक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि उसका उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर सरकार को सत्ता से हटाना है।
कांग्रेस और उसके सहयोगियों की ‘Regime Change’ की बातों से उनकी मंशा स्पष्ट होती है। युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाने के बजाय उन्हें अराजकता की राजनीति का मोहरा बनाया जा रहा है। चुनाव सुधार के नाम पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर किसी भी तरह सत्ता हासिल करना ही इनका असली एजेंडा है।
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) October 16, 2026
लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस “सत्ता परिवर्तन के लिए हिंसा का सहारा लेने वाल “बांग्लादेश मॉडल” अपनाना चाहती है। कांग्रेस का आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार या एसआईआर के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश है। रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर सत्ता में रहते हुए चुनाव आयोग को अपने प्रभाव में रखने का आरोप भी लगाया।
1993 का राजनाथ ने दिया हवाला
उन्होंने वर्ष 1993 का हवाला देते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस ने चुनाव आयोग में रातोंरात बदलाव किए थे। तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर तत्कालीन चुनाव आयुक्त नवीन चावला को हटाने की सिफारिश की थी। इसके बावजूद बाद में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में चावला को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद तक पहुंचाया गया।
लोकतंत्र के नाम पर अराजकता फैलाना और संवैधानिक संस्थाओं की साख पर चोट करना स्वीकार्य नहीं है। राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर जनमत का सम्मान करना चाहिए, तथा भारत की विकास यात्रा को बाधित करने के बजाय संवाद, सहयोग और राष्ट्र निर्माण का मार्ग चुनना चाहिए।
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) October 16, 2026
राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्ष 1993 से पहले मतदाताओं की पहचान के लिए मतदाता पहचान पत्र की व्यवस्था नहीं थी। उनके मुताबिक, मतदाता पहचान पत्र लागू होने के बाद कांग्रेस अपने दम पर केंद्र में सरकार बनाने में सफल नहीं रही।
हिंसा का सहारा ले रही कांग्रेस
उन्होंने इन उदाहरणों के जरिए कांग्रेस पर चुनावी संस्थाओं के साथ राजनीतिक हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया और कहा कि आज वही पार्टी चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल उठा रही है। रक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का मौजूदा विरोध विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके पीछे व्यापक राजनीतिक उद्देश्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस स्वतंत्र रूप से काम करने वाली संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
1975 की इमरजेंसी, 1984 में सिखों का नरसंहार, 1990 में रामभक्त कारसेवकों पर गोलीबारी और आज संवैधानिक संस्थाओं पर प्रहार, कांग्रेस का इतिहास ऐसे कई काले अध्यायों से भरा है। लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देने वाली कांग्रेस को पहले अपने अतीत और वर्तमान के आचरण का आत्ममंथन करना चाहिए। https://t.co/IDcpHhJGYp
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) October 16, 2026
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों का विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन किसी को भी हिंसा का सहारा लेने का अधिकार नहीं है। राजनाथ सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।
चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस को अपना इतिहास नहीं भूलना चाहिए। जिस कांग्रेस ने अपने शासनकाल में चुनाव आयोग की निष्पक्षता और नियुक्तियों पर गंभीर सवाल खड़े किए, वही आज लोकतंत्र की दुहाई दे रही है। दूसरों पर उंगली उठाने से पहले कांग्रेस को अपने अतीत का हिसाब देना चाहिए। https://t.co/00MK8Equn9
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“विघटन की राजनीति”
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को समझना चाहिए कि लोकतंत्र किसी को हिंसा का अधिकार नहीं देता। रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी की राजनीति को “विघटन की राजनीति” करार देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार ऐसे मुद्दों को राजनीतिक संघर्ष का रूप देने की कोशिश कर रही है, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली प्रभावित हो।
‘Regime Change’ और ‘संसद नहीं, सड़क से रास्ता निकलेगा’ जैसे नारों से लोकतंत्र मजबूत नहीं होता। राजनीतिक विरोध के नाम पर हिंसा और अराजकता को बढ़ावा देना देशहित के खिलाफ है। कांग्रेस को समझना चाहिए कि सत्ता का रास्ता जनमत से होकर जाता है, सड़कों पर अव्यवस्था फैलाने से नहीं। https://t.co/3YkYpjLzeF
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) October 16, 2026
हालांकि, कांग्रेस एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर किए जा रहे विरोध को पार्टी लोकतांत्रिक अधिकार और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा बताती रही है। राजनाथ सिंह के आरोपों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया इस राजनीतिक विवाद को और स्पष्ट कर सकती है।
