25 दिन बाद टूटा सोनम वांगचुक का अनशन, सरकार ने मानी मांग
दिल्ली: शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर 26 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कल देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया लेकिन शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सड़कों पर उतरी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।
Read More: सोनम वांगचुक की सफलता की कहानी
अनशन समाप्त- सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपना आमंत्रण अनशन समाप्त करने की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह तथा लद्दाख एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में 26 दिन बाद अनशन तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था।
उन्होंने कहा कि सरकार के साथ लंबी बातचीत के बाद परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने, नीट परीक्षा पेपर लीक से जुड़े आत्महत्या पीड़ितों के परिवारों को उचित मुआवजा देने तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों पर कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन मिलने और किसी हिंसा की आशंका को देखते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है।
अभिजीत ने किया सोनम के निर्णय का स्वागत
Just now in the presence of Union Ministers Sh. JP Nadda, Dr. Jitendra Singh and the senior leaders of Apex Body of Leh Ladakh I finally broke my fast after 26 days. Earlier 65 members of parliament from different political parties had visited or signed letters urging me to break… pic.twitter.com/RFCet7Oksy
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 23, 2026
इस बीच CJP के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि 26 दिनों से अधिक समय तक चले अनशन के बाद उनका यह फैसला राहत देने वाला है क्योंकि उनका जीवन देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर उनका धरना धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के साथ वार्ता तटस्थ स्थान पर होगी और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ स्वीकार नहीं होगा।

सरकार ने मांग ली CJP की मांग
इस बीच CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार ने निष्पक्ष स्थान पर बातचीत करने की उनकी मांग को मान लिया है और अब कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में तटस्थ स्थान पर वार्ता के लिए बैठक बुलायी है। उन्होंने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि पार्टी बैठक में सरकार के समक्ष अपनी मांगो को मजबूती से रखेगी।
सरकार से बातचीत के बाद:–
— Cockroach Janta Party (@CJP_for_India) July 24, 2026
"केंद्र सरकार ने मृतक छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की सहमति जताई है,
लेकिन हमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ मंजूर नहीं है। इस पर विचार करने के लिए हमने सरकार को 24 घंटे का वक्त दिया है"…
पार्टी की प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने कहा कि बैठक में पार्टी अपनी चार प्रमुख मांगें रखेगी। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नीट पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को मुआवजा, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी वापस लेना तथा परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करना शामिल है।
इस्तीफा ही रास्ता है,
— Cockroach Janta Party (@CJP_for_India) July 24, 2026
अभी तक आप कुछ क्यों नहीं कर पाए जबकि पिछले 12 सालों से आपकी ही सरकार है,
इसलिए अब इस्तीफा देना होगा महोदय।
उन्होंने यह भी कहा कि इन मांगो पर पार्टी पहले दिन से कायम है और इनके पूरा होने तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों के आंदोलन से जुड़े में सकारात्मक पक्षों के बीच शुक्रवार को संसद की कार्यवाही शुरू होती ही विपक्षी दलों का हंगामा जारी रहा। विपक्षी दलों के सदस्यों ने संसद भवन परिसर में भी विरोध प्रदर्शन किया।
Read More: धर्मेंद्र प्रधान की नई शिक्षा नीति और बवाल

