वक्फ बिल 128 मतों से हुआ पास, एक्शन मोड में योगी सरकार
Waqf Amendment Bill: संसद में पेश हुआ वक़्फ़ बिल बुधवार को लोकसभा में पास होने के बाद बीते दिन शुक्रवार को राज्यसभा में पेश किया गया जहां से भी 12 घंटे से ज्यादा चली बहस के बाद बिल पास कर दिया गया। राज्य सभा में वक़्फ़ बिल को लेकर बहस आधी रात तक चली मगर खुशी की बात यह है कि वक़्फ़ बिल के पक्ष में 128 वोट पड़े और विपक्ष में 95 वोट पड़े थे।
राज्य सभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के पक्ष में 128, विरोध में 95 मत पड़े.#WaqfAmendmentBill#WaqfBillAmendment#WaqfBoard #WaqfBill2025 pic.twitter.com/3yDadOAyFk
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128 मतों से मिली वक़्फ़ को मंजूरी
बताते चले कि लम्बी बहस और 128 मतों से मंजूरी मिलने के बाद राज्यसभा ने वक्फ बोर्ड में पारदर्शिता बढ़ाने सहित कई महत्वपूर्ण प्रावधानों वाले वक्फ संशोधन विधेयक को पास कर दिया हैं। वहीं इस विधेयक को लेकर सरकार ने कई दावे भी किए है जिसमें कहा गया देश के गरीब और पसमांदा मुसलमानों के साथ इस समुदाय की महिलाओं की स्थिति में सुधार लाने में काफी मदद मिलेगी।
वक्फ विधेयक की संपत्ति
वहीं राज्यसभा में वक्फ विधेयक पर 13 घंटे से अधिक लम्बी बहस का जवाब देते हुए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- 2006 में 4.9 लाख वक्फ़ संपत्ति देश में थीं और इनसे कुल आय मात्र 163 करोड़ रुपये की हुई, वहीं 2013 में बदलाव करने के बाद भी आय महज तीन करोड़ रुपये बढ़ी। उन्होंने कहा कि आज देश में कुल 8.72 लाख वक्फ़ संपत्ति हैं। उन्होंने कहा कि विधेयक में वक्फ संपत्ति को संभालने वाले मुतवल्ली, उसके प्रशासन और उस पर निगरानी का एक प्रावधान है। रिजिजू ने कहा- “किसी भी तरीके से सरकार वक्फ़ संपत्ति का प्रबंधन नहीं करती और उसमें हस्तक्षेप नहीं करती।”
एक बार वक्फ बन जाने के बाद आप इसे उलट नहीं सकते। यदि कोई वक्फ किसी संपत्ति की घोषणा करता है, तो आपको इसके बारे में सावधानीपूर्वक सोचना चाहिए। क्योंकि एक बार यह घोषित हो जाने के बाद आप इसकी स्थिति को नहीं बदल सकते@KirenRijiju in Rajyasabha pic.twitter.com/YhkQFOoUTX
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अवैध वक्फ संपत्तियों पर योगी सरकार की कार्रवाई
लोकसभा और राज्यसभा से वक्फ संशोधन बिल 128 मतों से पास होते ही यूपी की योगी सरकार का पूरी तरह एक्शन में नजर आ रही हैं जिसके लिए योगी सरकार ने अवैध वक्फ संपत्तियों पर कार्रवाई शुरू की है। जिसमें यूपी के कई जिलों में जिलाधिकारियों को वक्फ संपत्तियों को लेकर रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपेंगे, जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी साथ ही 132140 संपत्तियों की पहचान कर जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
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इसके साथ ही यूपी सरकारी ने जिलों के डीएम को आदेश दिया है कि वे अभियान चलाकर अवैध रूप से घोषित वक्फ संपत्तियों की पहचान करें। जिनमें से यूपी के बाराबंकी, सीतापुर, बरेली, जौनपुर समेत कई जिलों में यह अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग सर्वे कर पता लगा रहा है कि कहीं सरकारी जमीन को तो वक्फ की संपत्ति बताकर कब्जा नहीं कर लिया गया है।

यूपी के इन जिलों पर वक्फ की संपत्ति
बताते चले कि अनुमान लगाया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, सीतापुर, बरेली, जौनपुर, सहारनपुर, बिजनौर, बलरामपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, मुरादाबाद और रामपुर जिले में अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। अब इन जिलों के जिलाधिकारी वक्फ जमीनों का सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे, जिसके बाद नए बिल के अनुसार एक्शन लिया जाएगा।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी नेतृत्व में संसद के दोनों सदनों में 'वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025' के पारित होने की सभी को बधाई!
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 4, 2025
यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के साथ ही वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों और भ्रष्टाचार से मुक्ति…
राजस्व रिकॉर्ड में बड़ा अंतर
- राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में सिर्फ 2963 वक्फ संपत्तियां ही दर्ज हैं।
- यूपी में सुन्नी वक्फ बोर्ड की 124355 संपत्तियां दर्ज हैं।
- शिया वक्फ बोर्ड की 7785 संपत्तियां हैं।
लेकिन जिलाधिकारियों द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार, राजस्व अभिलेखों में सिर्फ सुन्नी वक्फ बोर्ड की 2533 और शिया वक्फ की 430 संपत्तियां ही दर्ज हैं। सरकार को लगता है कि सरकारी जमीनों को अवैध तरीके से वक्फ घोषित किया गया है। सरकार का मानना है कि इन संपत्तियों को राज्य सरकार वापस ले सकती है। जिसमें बड़े पैमाने पर खलिहान, तालाब, पोखर जैसी संपत्तियों को वक्फ घोषित किया गया है। जबकि किसी के द्वारा दान की गई संपत्ति को ही वक्फ माना जा सकता है। अब अवैध रूप से वक्फ घोषित की गई इन संपत्तियों पर कार्रवाई होगी।
इसका अर्थ है कि लगभग 98% संपत्तियों का कोई सरकारी रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। फिलहाल जिलाधिकारियों से इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इसी को देखते हुए राजस्व विभाग पूरे प्रदेश में सर्वे करा रहा है। इस सर्वे में यह पता लगाया जाएगा कि कितनी संपत्तियों को अवैध तरीके से वक्फ बताया गया है।

केवल दान की संपत्ति होगी वक्फ की…
राजस्व विभाग पूरे प्रदेश में सर्वे करा रहा है। इस सर्वे में यह पता लगाया जाएगा कि कितनी संपत्तियों को अवैध तरीके से वक्फ बताया गया है। वहीं राजस्व विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को सर्वे करने और रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। उनसे यह जानकारी मांगी गई है कि उनके जिले में कितनी ऐसी संपत्तियां हैं जिन्हें नियमों के खिलाफ जाकर वक्फ की घोषित किया गया है। सरकार का कहना है कि ग्राम समाज और सरकारी जमीनों को वक्फ की संपत्ति नहीं घोषित किया जा सकता है। केवल दान दी गई संपत्ति को ही वक्फ माना जा सकता है।