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बंगाल हिंसा पर संजय सिंह के बीजेपी से तीखे सवाल

  • बंगाल चुनाव परिणाम के बाद फैली हिंसा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका पर संजय सिंह ने उठाए गंभीर सवाल
  • चुनाव जीतने का अधिकार है, लेकिन विरोधियों को पीटने और कार्यालय जलाने का अधिकार किसने दिया?: संजय सिंह
  • जहां भाजपा का उदय होता है, वहां हिंसा, गुंडागर्दी और लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने की शुरुआत होती है: संजय सिंह
  • देश से प्यार है तो पहले चुनाव बचाओ, लोकतंत्र बचाओ और संविधान बचाओ: संजय सिंह
  • गोदी मीडिया, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार बंगाल हिंसा पर पूरी तरह खामोश क्यों हैं?:संजय सिंह
  • हजारों करोड़ रुपये, एजेंसियों के दुरुपयोग और वोट कटवाने की राजनीति से लोकतंत्र को बंधक बनाया जा रहा है: संजय सिंह
  • देश को बचाना है तो जनता को सड़क से संसद तक लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए बड़ा आंदोलन खड़ा करना होगा: संजय सिंह

लखनऊ/नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बंगाल चुनाव परिणाम के बाद सामने आई हिंसा, राजनीतिक हमलों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर भाजपा, केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और गोदी मीडिया पर तीखा हमला बोला।

अब चुप बैठने का समय नहीं – संजय

उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने वाली पार्टी को जश्न मनाने, मिठाई बांटने और खुशी मनाने का पूरा अधिकार है, लेकिन चुनाव हारने वालों को पीटना, उनके कार्यालय जलाना, कार्यकर्ताओं को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ा कर मारना और भय का माहौल बनाना किसी लोकतंत्र में स्वीकार नहीं किया जा सकता। संजय सिंह ने जनता से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि अगर देश से प्यार है तो अब चुप बैठने का समय नहीं है।

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देश को लोकतंत्र की लूट, चुनावी धांधली और तानाशाही से बचाने के लिए जनता को सड़क से संसद तक आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों की तानाशाही के खिलाफ गांव-गांव जाकर लोगों को संगठित किया था, उसी तरह आज लोकतंत्र, संविधान और निष्पक्ष चुनाव बचाने के लिए देशव्यापी जन आंदोलन खड़ा करने की जरूरत है।

गोदी मीडिया खामोश है -संजय

संजय सिंह ने कहा कि बंगाल से जो तस्वीरें और दृश्य सामने आ रहे हैं, वे बेहद खतरनाक और लोकतंत्र को शर्मसार करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पूरा गोदी मीडिया इस हिंसा पर खामोश है और केंद्र की मोदी सरकार भी मौन धारण किए बैठी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या देश बंगाल को मणिपुर बनाना चाहता है? क्या पूरे राज्य में हिंसा फैलाने की तैयारी की जा रही है? उन्होंने कहा कि यही भाजपा का असली चरित्र है। जिन क्षेत्रों में भाजपा का राजनीतिक विस्तार होता है, वहां हिंसा, गुंडागर्दी और लोगों के अधिकारों को कुचलने की राजनीति शुरू हो जाती है।

संजय सिंह ने कहा कि चुनाव खत्म होते ही केंद्रीय सुरक्षा बल गायब हो गए, चुनाव आयोग की सख्ती भी खत्म हो गई और पूरा सरकारी तंत्र मौन दर्शक बन गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए हजारों करोड़ रुपये पानी की तरह बहाती है, ईडी, सीबीआई और पुलिस जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग करती है, गोदी मीडिया को प्रचार मशीन की तरह इस्तेमाल करती है और चुनाव आयोग को अपने एजेंट की तरह उपयोग करती है। उन्होंने कहा कि एसआईआर जैसे माध्यमों से लाखों वोट कटवाए जाते हैं और उसके बाद लोकतंत्र को लूटकर लोकप्रियता का ढोल पीटा जाता है।

संजय ने बीजेपी पर किया हमला

संजय सिंह ने कहा कि बंगाल में लेनिन की मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं, टीएमसी के कार्यालय जलाए जा रहे हैं, कार्यकर्ताओं को पीटा जा रहा है और ममता बनर्जी के रिश्तेदार तक पोलिंग बूथों पर अपमानित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की यह राजनीति बंगाल को मजबूत नहीं करेगी और न ही इससे देश आगे बढ़ेगा। इससे न तो लोगों को रोजगार मिलेगा, न बिजली-पानी की व्यवस्था सुधरेगी, न सड़कें बनेंगी और न ही स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल हिंसा, अवैध वसूली और गुंडागर्दी का नया रोजगार युवाओं को दे रही है।

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संजय सिंह ने कहा कि यह समय निराश होने या घर बैठने का नहीं है। जब अत्याचार बढ़ता है, तब अत्याचार के खिलाफ लड़ने वालों की संख्या भी बढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर भारत के सौ प्रतिशत हिस्से पर भी भाजपा का कब्जा हो जाए, तो क्या उसे गुंडागर्दी करने का लाइसेंस मिल जाता है? क्या देश में लोकतंत्र समाप्त हो गया है और हिटलर का राज आ गया है? उन्होंने कहा कि यह समय तानाशाही के खिलाफ संघर्ष की रणनीति तैयार करने का है।

संजय सिंह ने भाजपा पर लगाए आरोप

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव लड़ने और जीतने के लिए पूरा तंत्र विकसित कर लिया है। हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं, केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग होता है, चुनाव आयोग पर दबाव बनाया जाता है और वोटों की बड़े पैमाने पर हेराफेरी की जाती है। उन्होंने कहा कि गोदी मीडिया लगातार यह प्रचार करता रहता है कि मोदी लोकप्रिय हैं, जबकि सच्चाई यह है कि लोकतंत्र को लूटकर और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके सत्ता हासिल की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने समाज में इतना विभाजन पैदा कर दिया है कि देश की विविधता में एकता की मूल भावना खतरे में पड़ गई है।

संजय सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि जब जनता एकजुट होकर संघर्ष करती है तो तानाशाही सरकारों को झुकना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बिना किसी राजनीतिक दल के सहारे देश के किसानों ने एक साल तक संघर्ष किया और मोदी सरकार को अपने फैसले वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि अब उसी तरह निष्पक्ष चुनाव, लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए देशव्यापी जन आंदोलन खड़ा करने की आवश्यकता है। जाति, धर्म और दल से ऊपर उठकर जनता को लोकतंत्र बचाने के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करना होगा।

https://en.wikipedia.org/wiki/Sanjay_Singh_(AAP_politician)

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