
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर कांग्रेस का BJP पर बड़ा हमला!
दिल्ली: कांग्रेस ने श्रीराम मंदिर में चढ़ावे चोरी के मामले में तीन महीने बाद भी आरोप पत्र दाखिल नहीं होने को सरगनाओ को बचाने की कोशिश करार देते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा की डबल इंजन सरकारें एसआईटी के नाम पर बड़े चोरों को बचाने की कार्रवाई कर रही है।
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चंदा चोरी, आस्था धोखा- कांग्रेस
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने मंगलवार को सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा-
“देखो ओ बीजेपी वालो, तुम ये काम न करो,
राम का नाम बदनाम न करो, बदनाम न करो”

अयोध्या के भगवान श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में जांच शुरू हुए तीन महीने पूरे होने में सिर्फ तीन दिन शेष हैं, लेकिन शर्मनाक बात है कि अभी तक आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है। अगर 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई तो देश की सबसे शर्मनाक चढ़ावा चोरी के छोटे किरदारों को ज़मानत मिलने का रास्ता साफ़ हो जाएगा।
हम यह स्पष्ट कर दें कि देश की जनता को ऐसी एसआईटी और ऐसी किसी सरकारी चार्जशीट पर कोई भरोसा बिलकुल नहीं है, जिसमें बड़ी मछलियों को बचाने की आशंका बनी हुई है। जो लोग कहते थे कि कुछ भी रिपोर्ट के लायक नहीं है, उनकी अपनी जांच अब स्वयं मान रही है कि चढ़ावे की चोरी 70 नहीं, बल्कि 105 बार तो CCTV में ही सामने आ चुकी है, जिसे वे चाहकर भी नकार नहीं पा रहे हैं।
यह समझना मुश्किल नहीं है कि चार्जशीट दाखिल होने में देरी क्यों हो रही है। मामला बड़े चोरों और उनके संरक्षकों से ध्यान हटाने का है।
सवाल यह भी उठ रहा है कि अयोध्या के भगवान श्रीराम मंदिर में सुनियोजित तरीके से की गई चढ़ावा चोरी के सरगनाओं को कौन और क्यों बचा रहा है?
इस संगीन मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की चुप्पी और चढ़ावा चोरी के आरोपियों की मदद पर भी लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जनता के मन में सीधे और स्पष्ट सवाल हैं:
मामले में बड़ी-बड़ी मछलियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उनसे कड़ी पूछताछ कब होगी?
असली दोषियों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच से कौन व क्यों बचना चाहता है? ट्रस्ट को अब तक भंग क्यों नहीं किया गया?
हमारा मानना है कि एसआईटी के नाम पर भाजपा की डबल इंजन सरकारों द्वारा भाजपा-आरएसएस से जुड़े चढ़ावा चोरी के आरोपियों को बचाने की कार्रवाई चल रही है।
सवाल अब सिर्फ आरोपियों का नहीं, बल्कि उन लोगों की जवाबदेही का भी है जिनकी निगरानी में यह सब हुआ। प्रधानमंत्री जी, याद रहे कि देश की आस्था से जुड़े इस गंभीर मामले पर चुप्पी के लिए आपको जवाब देना ही होगा।
कांग्रेस की मांग बेहद स्पष्ट है:
पूरी व्यवस्था का फॉरेंसिक ऑडिट हो, जिम्मेदार लोगों पर सख़्त कार्रवाई हो और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो। मोदी जी, चढ़ावा भगवान श्रीराम के नाम पर आया था। जो लोग इसके प्रबंधन और प्रबंधकों का चुनने का श्रेय लेते रहे हैं, उन्हें इस चंदा चोरी की जिम्मेदारी भी लेनी होगी।
