नेपाल में बाढ़ का कहर! 547 की मौत, 977 लोग अब भी लापता
काठमांडू: नेपाल में भोटेकोशी नदी में गत 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या 500 के पार पहुंच गयी है जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों की तलाश और बाढ़ से बचे लोगों की सहायता के राहत एवं बचाव अभियान शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा।
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कुल 547 शव बरामद
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, शुक्रवार अपराह्न तीन बजे तक 547 शव बरामद किये जा चुके हैं। इनमें रसुवा में मारे गये लोगों के साथ-साथ नदी के निचले प्रवाह वाले जिलों में बरामद किये गये शव भी शामिल हैं।
जलविद्युत् सुरूङमा फसेकाहरुको उद्धारमा #नेपालीसेना….
— Nepali Army (@NepaliArmyHQ) August 28, 2026
जहाँ संकट, त्यहाँ #नेपालीसेना !!!#NepaliArmy#BhotekoshiFlood pic.twitter.com/PAt30A3fSR
बाढ़ के बाद चलाये गये अभियान में रसुवा में 13, नुवाकोट में 38, धादिंग में 40, चितवन में 221, गोरखा में 44, तनहुं में 29, नवलपरासी पूर्व में 134 और नवलपरासी पश्चिम में 28 लोगों के शव बरामद हुए हैं। इस प्रकार कुल 547 शव बरामद किये गये हैं।
अभी भी कई लोग है लापता
मृतकों का यह आंकड़ा अंतिम नहीं है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। प्राधिकरण का कहना है कि विभिन्न जिलों से प्राप्त आंकड़ों का मिलान किया जा रहा है और खोज अभियान लगातार जारी है।
रसुवाको भोटेकोशीमा गत बुधबार आएको विनाशकारी बाढीपछि बेपत्ता भएका नागरिकहरूको खोजी तथा शव व्यवस्थापन (रिकभरी) मा ढिलाइ भएको भन्दै जनस्तरबाट आइरहेको गुनासोलाई सम्बोधन गर्दै नेपाली सेनाले आफ्नो अपरेसनलाई थप तीव्र बनाएको छ।
— PMO (@PM_nepal_) August 28, 2026
शव संकलन तथा खोजी कार्य ढिलो भन्दै उठेका गुनासोहरूलाई… pic.twitter.com/HNgX3NCOJg
भोटेकोशी नदी और त्रिशूली नदी में प्रलयकारी बाढ़ लोगों और मलबे को काफी दूर तक बहाकर ले गया, जिसके कारण तलाशी और बरामदगी का दायरा रसुवा से आगे बढ़कर नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं, चितवन और नवलपरासी तक पहुंच गया है।
नेपाल का है बुरा हाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार चितवन में स्थिति विशेष रूप से गंभीर है। आज दोपहर तक वहां 221 शव बरामद किये जा चुके थे, जबकि जिले के अस्पतालों के शवगृहों में कुल मिलाकर केवल 30-50 शव रखने की क्षमता है। इसके कारण भरतपुर स्थित औद्योगिक उद्यम विकास संस्थान की एक खाली इमारत को अस्थायी शवगृह में बदला जा रहा है। इसमें करीब 250 शव रखे जा सकेंगे। भरतपुर महानगरपालिका भवन की मरम्मत और आवश्यक व्यवस्था कर रही है, जबकि स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने सूखी बर्फ उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है।
Third flight with assistance from India reaches Kathmandu.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) August 28, 2026
Relief supplies and an 11-member medical and tunnel rescue team are now on the ground.
🇮🇳🇳🇵 pic.twitter.com/7VAGVLKvdg
नवलपरासी पूर्व में भी शवों को रखने की समस्या सामने आ रही है। अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में जगह नहीं बचने के कारण शवों को पोखरा, बुटवल, भैरहवा और पाल्पा भेजना पड़ा है। कावासोती में एक सामुदायिक वन सभागार को भी अस्थायी शवगृह में तब्दील किया गया है। पोखरा भी निचले इलाकों से बरामद शवों का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। अधिकारियों ने तनहूं, गोरखा, नवलपरासी पूर्व और धादिंग से 93 शव पोखरा पहुंचाए हैं। कास्की के अस्पतालों में शव रखने की कुल क्षमता 88 है, जिससे मौजूदा क्षमता पर भी दबाव बढ़ गया है।
977 लोग अब भी लापता
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 977 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार, आपदा के दौरान संपर्क से बाहर हुए 28 पुलिसकर्मियों का अब भी पता नहीं चल पाया है। लापता लोगों में स्थानीय नागरिकों के अलावा पर्यटक, पर्वतारोही और यात्री भी शामिल हैं। अधिकारी यह भी पता करने में जुटे हैं कि लापता लोगों में से कुछ सुरक्षित स्थानों पर पहुंच चुके हैं या नहीं।
New footage of this week's flooding in Nepal. pic.twitter.com/MAgr4u2w74
— Open Source Intel (@Osint613) August 28, 2026
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, रसुवा के बाढ़ प्रभावित इलाकों से 117 विदेशी पर्यटकों को बचाया गया है। इनमें 85 भारतीय, 16 चीनी, नौ दक्षिण कोरियाई, दो अमेरिकी और दो इतालवी नागरिक शामिल हैं। तीन अन्य पर्यटकों की राष्ट्रीयता की पुष्टि की जा सकी है। इन दुर्गम इलाकों से लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि सुरक्षा बल जमीन पर बस्तियों और नदियों के किनारे तलाशी अभियान चला रहे हैं। नेपाल पुलिस के 4,400 से अधिक जवानों के अलावा नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल भी राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं।
सुरक्षा बलों से सहायता कराई जा रही
नेपाल पुलिस के अनुसार नुवाकोट, रसुवा और धादिंग में सुरक्षा बलों ने 1,473 लोगों को बचाया या प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई है। बाढ़ में सड़कें और पुल नष्ट होने के कारण कई इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है और कुछ स्थानों पर बचाव अभियान के लिए हेलीकॉप्टरों ही प्रमुख साधन है क्योंकि अन्य माध्यमों से वहां तक पहुंचना काफी मुश्किल हो रहा है।
अधिकारियों ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। बाढ़ के दो दिन बाद भी आपदा की पूरी भयावहता अभी सामने नहीं आयी है। मृतकों की संख्या 547 तक पहुंच चुकी है, सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं और जीवित बचे लोगों की तलाश के लिए अभियान जारी है।

