
ज्ञानेश कुमार पर जन महाभियोग प्रस्ताव पेश
दिल्ली: इंडिया गठबंधन ने वोट चोरी के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शनिवार को मॉक संसद का आयोजन कर उन पर लोकतांत्रिक व्यवस्था और मताधिकार को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की।
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जन महाभियोग प्रस्ताव पेश

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में विपक्षी इंडिया गठबंधन के विभिन्न दलों के नेताओं, सांसदों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों तथा जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं उन लोगों के साथ कई लोगों ने हिस्सा लिया। मॉक पार्लियामेंट की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की, जबकि समाजवादी पार्टी के लोकसभा सदस्य अवधेश कुमार को उपाध्यक्ष बनाया गया।
LIVE: The Public Impeachment of CEC Gyanesh Kumar, 10 Rajaji Marg, New Delhi https://t.co/qjQrxdYmtr
— Congress (@INCIndia) October 31, 2026
मीरा कुमार ने मॉक संसद की अध्यक्षता करते हुए कहा कि यहां नागरिक समाज के प्रतिनिधि, इंडिया गठबंधन के लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य तथा ऐसे लोग मौजूद हैं, जिनके नाम अनुचित तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इस मामले में सभा में सभी दलों के लोगों को विचार रखने का अवसर मिलेगा।
ज्ञानेश कुमार पर छह आरोप लगे
उन्होंने कहा कि दुनिया के अनेक देश भारतीय लोकतंत्र का अनुसरण करते हैं। भारत का लोकतंत्र समानता के सिद्धांत पर आधारित है और प्रत्येक व्यक्ति को मतदान का अधिकार प्राप्त है, चाहे वह गरीब हो या अमीर, किसी भी जाति या धर्म का हो अथवा किसी भी लिंग से संबंधित हो। उन्होंने कहा कि गरीब बस्तियों में रहने वाले लोग भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके देश की किस्मत तय करते हैं।
मल्लिकार्जुन खरगे ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग प्रस्ताव पेश करते हुए उन पर लोकतंत्र की मतदान प्रणाली को नुकसान पहुंचाने और लोगों को उनके मताधिकार से वंचित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के पीछे मतदाता सूची में अनियमिततता करना और लोगों को मताधिकार से वंचित किए जाने का मामला है।

उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर छह आरोप लगाते हुए कहा कि फॉर्म-6 में बदलाव करके आपराधिक साजिश की गई तथा मतदाता सूची के केंद्रीकरण के जरिए लोगों के नाम हटाए गए इसलिए उनको हर स्थिति में पद से हटाया जाना जरूरी है।
मतदाता सूची में गड़बड़ियां की जा रही
𝐑𝐞𝐬𝐨𝐥𝐮𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐅𝐨𝐫 𝐓𝐡𝐞 𝐏𝐮𝐛𝐥𝐢𝐜 𝐈𝐦𝐩𝐞𝐚𝐜𝐡𝐦𝐞𝐧𝐭 𝐎𝐟 𝐌𝐫. 𝐆𝐲𝐚𝐧𝐞𝐬𝐡 𝐊𝐮𝐦𝐚𝐫, 𝐂𝐡𝐢𝐞𝐟 𝐄𝐥𝐞𝐜𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐂𝐨𝐦𝐦𝐢𝐬𝐬𝐢𝐨𝐧𝐞𝐫 𝐎𝐟 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚.𝐓𝐇𝐄 𝐒𝐈𝐗 𝐂𝐇𝐀𝐑𝐆𝐄𝐒 𝐀𝐆𝐀𝐈𝐍𝐒𝐓 𝐇𝐈𝐌 👇1️⃣ Conspired to Steal Elections2️⃣ Deleted 13.2 Crore Voters3️⃣ Rewrote Form 6 Without Parliamentary Oversight or Knowledge4️⃣ Seized the Electoral Rolls Through ECINET5️⃣ Shut Out the Other Two Commissioners6️⃣ Acted at the Behest of Modi and Shah: Congress President Shri @kharge at the Public Impeachment of CEC Gyanesh Kumar
— Congress (@INCIndia) October 31, 2026
मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों को मतदाता सूची में गड़बड़ियों से संबंधित प्रक्रिया से जानबूझकर दूर रखा और उन्हें लगातार नजरअंदाज किया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र को मजबूत भी करता है और साजिश होने पर लोकतंत्र को कमजोर होने का कारण भी बन सकता है।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नेतृत्व में 1988 में संविधान संशोधन के जरिए मतदान की न्यूनतम आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई थी, जिससे युवाओं को देश की दिशा तय करने में भागीदारी का अवसर मिला।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर चुनाव आयोग काम कर रहा है तथा 2014 से सत्ता में बने रहने के लिए मतदाता सूची में गड़बड़ियां की जा रही हैं। मल्लिकार्जुन खरगे ने महाराष्ट्र और कर्नाटक का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की कथित अनियमितताओं से चुनाव परिणाम प्रभावित हुए हैं।
#WATCH | Delhi: On the INDIA bloc’s symbolic public impeachment program against CEC Gyanesh Kumar, BJP MP Sambit Patra says, "…Today, regarding their allegation of vote theft, as Kharge ji was speaking about this issue of vote theft, I would like to tell Kharge ji: Yes, there is truth to the claim of vote theft. Vote theft did indeed take place. Today is October 31st. It is the birth anniversary of the revered Sardar Vallabhbhai Patel. And if there was ever a vote theft in India, it was committed by the first member of the Gandhi family, Pandit Jawaharlal Nehru, who stole the votes of prominent Congress leaders. Those leaders had cast their votes in a ballot box to elect Sardar Vallabhbhai Patel as Prime Minister. By stealing those votes, Pandit Jawaharlal Nehru became the Prime Minister of the country, an unelected Prime Minister."
— ANI (@ANI) October 31, 2026
वोट चोरी का लगाया आरोप
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नए नाम जोड़े गए, जबकि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गड़बड़ियां कर्नाटक में भी हुई हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाया लेकिन सरकार की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि चुनाव आयोग को यह सार्वजनिक करना चाहिए कि कितने मतदाताओं के नाम हटाए गए, कितने नए नाम जोड़े गए और किन लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए गए। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों का पूरा विवरण सामने आने पर ही चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भरोसा कायम हो सकता है और वह इस भरोसे को कम करने में विफल हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसी राजनीतिक हित के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों और मतदाता सूची में उनके नाम सुरक्षित रखने के लिए संघर्ष कर रही है।
RESOLUTION FOR THE PUBLIC IMPEACHMENT OF CEC GYANESH KUMARSIX SERIOUS CHARGES AGAINST HIM 👇1️⃣ Conspiring to Steal Elections2️⃣ Deletion of 13.2 Crore Voters from the electoral rolls.3️⃣ Rewriting Form 6 without Parliamentary oversight or knowledge.4️⃣ Taking Control of Electoral Rolls through ECINET.5️⃣ Excluding the Other Two Election Commissioners from key decisions.6️⃣ Acting at the Behest of Modi and Shah, compromising the independence of the Election Commission.Congress President Shri @kharge ji presents the resolution at the Public Impeachment of CEC Gyanesh Kumar.Democracy demands accountability. The integrity of our electoral system must be protected.📍 New Delhi https://t.co/3TFlGIARgd
— Vijay Thottathil (@vijaythottathil) October 31, 2026
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ने इस मुद्दे पर कई ज्ञापन दिए और राष्ट्रपति के समक्ष भी लोकतंत्र की रक्षा का मामला उठाया लेकिन उनकी मांगो पर ध्यान नहीं दिया गया। इसी कारण मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग प्रस्ताव लाने का कदम उठाना पड़ा।
उन्होंने राहुल गांधी पर भाजपा की तरफ से लगाये गए लोगों को भड़काने के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार खुद ही लोगों की आवाज़ दबाकर और नेट पर प्रतिबंध लगाकर युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर बढ़ते खतरे को रोकने के लिए कांग्रेस संघर्ष जारी रखेगी।
