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पतंजलि के मिलावट के आरोपों पर रामदेव का बड़ा बयान!

दिल्ली: योग गुरु और पतंजलि समूह के मुखिया स्वामी रामदेव ने आयुर्वेद को विश्व भर में स्वीकार्य एक प्रमुख चिकित्सा पद्धति बनाने के संकल्प को दोहराते हुए सरकार से ‘औषधि और चमत्कारिक उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम’ में संशोधन करने की सरकार से पुरजोर अपील की है।

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मिलावट के आरोपों को रामदेव ने किया खारिज

स्वामी रामदेव बुधवार को यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे जिसमें उन्होंने पतंजलि के घी और आयुर्वेदिक औषधियों में मिलावट और खराबी तथा अपने स्वास्थ्य को लेकर फैलायी जा रही बातों का जवाब दिया। उन्होंने पतंजलि के गाय के घी को शत प्रतिशत शुद्ध बताते हुए कहा कि यह देश विदेश में सब जगह बिकता है और शत प्रतिशत शुद्ध है। उन्होंने खाद्य में मिलावट को -सामजिक , धार्मिक और कानूनी रूप से जघन्य अपराध’ बताते हुए कहा कि इसके लिए कठोरतम दंड के प्रावधान होने चाहिए।

पतंजलि के मिलावट के आरोपों पर रामदेव का बड़ा बयान!
पतंजलि के मिलावट के आरोपों पर रामदेव का बड़ा बयान!

बृजभूषण के बयान बोले योग गुरु

योग गुरु ने इस अवसर पर घोषणा की कि पतंजलि घी की शुद्धता को लेकर भाजपा के नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बयान से उत्पन्न विवाद सुलझ गया है। स्वामी रामदेव ने कहा- ”बृजभूषण शरण सिंह से आज ही हमारी मुलाकात हुई जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने सुनी सुनायी बातों के आधार पर बयान दिया था। उस भ्रांति का पटाक्षेप हो गया है। हम किसी विवाद को बढ़ाना नहीं चाहते। हम उनका धन्यवाद करते हैं।”

उन्होंने ‘ओषधि और चमत्कारिक उपचार (आक्षेपणीय विज्ञापन) अधिनियम, 1954’ को अंधा कानून बताते हुए कहा- ‘मैं प्रधानमंत्री और आयुष विभाग से इस कानून में शीघ्र बदलाव करने की अपील करता हूँ। इस कानून के कारण आयुर्वेद का अहित हुआ है, ऐसे अंधे कानून के आधार पर आयुर्वेद को गलत नहीं कहा जा सकता।”

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पतंजलि ने आयुर्वेद और योग से सफल इलाज किया

उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा भारतीय ऋषि-मुनियों द्वारा स्थापित एक सशक्त चिकित्सा प्रणाली है। हम इसको आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों के साथ चल कर एक चिकित्सकीय साक्ष्य आधारित प्रणाली के रूप में विश्व की प्रधान चिकित्सा प्रणाली के रूप में स्थापित करने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा- पतंजलि ने प्रयोग से प्रमाणित किया है कि आयुर्वेद से लोगों को लीवर, लंग और घुटनों के ट्रांसप्लांट से बचाया जा सकता है। इसमें मधुमेह जैसी बीमारियों को जड़ से खत्म करने की शक्ति है जिसे आधुनिक चिकित्सा पद्धति असाध्य मानती है।

उन्होंने कहा- पतंजलि ने आयुर्वेद और योग से मस्तिष्क में न्यूरॉन तक का सफल इलाज किया है। इस अवसर पर उन्होंने इस विषय पर परंपरागत चिकित्सा पर दिव्य प्रकाशन द्वारा प्रकाशित संग्रह – हॉलिस्टिक हेल्थ: लॉ एंड फैक्ट्स’ में प्रस्तुत अध्ययनों का उल्लेख किया जो स्वयं स्वामी रामदेव ने अपने सहयोगी आचार्य बालकृष्ण के साथ संकलित किया है।

‘पतंजिल समूह’ के डूबने का इंतजार कर रहे

योग गुरु ने कहा कि देश में अकेले वही हैं जिन्होंने बहुराष्ट्रीय दवा और रोज-मर्रा के सामान बनाने वाली कंपनियों की नीतियों और कार्य की सार्वजनिक रूप से आलोचना की है। उनकी चूलें हिला दी हैं इसी लिए हमारे ऊपर तो बार बार सवाल उठाये जाते हैं लेकिन विदेशी ब्रांडों पर कोई सवाल नहीं उठाता। उन्होंने कहा , ‘ कुछ लोग ‘पतंजिल समूह’ के डूबने का इंतजार कर रहे हैं।

ऐसे लोगों के मंसूबे पूरे नहीं होंगे, पतंजली का करोबार और बढ़ेगा, हम आज पांच लाख लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान कर रहें हैं , यह संख्या पांच लाख और बढ़ेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि पतंजलि को एक भी दवा कभी प्रतिबंधित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सुनी-सुनायी बातों में आ जाते हैं तो कुछ अज्ञानता बस आलोचना करने लगते हैं लेकिन कुछ लोग स्वार्थ वश या दूसरी शक्तियों के निर्देशन में नुकसान पहुंचने के लिए यह काम करते हैं।

पतंजलि देशी गोवंश के संरक्षण

उन्होंने देशी घी का अर्थशास्त्र समझाते हुए कहा कि दूध से मक्खन निकालने के बाद बचे दूध से सेप्रेटा दूध, दही-मट्ठा और पनीर तथा पाउडर तैयार किया जाता है। दूध की 80 प्रतिशत लागत इन उत्पादों से निकल जाती है। पूरी दुनिया में घी के कारोबार में यही प्रक्रिया अपनायी जाती है। फिर भी पतंजलि के गाय का घी प्रमुख प्रतिस्पर्धियों से महंगा है। उन्होंने कहा कि भारत में 19 करोड़ गोवंश हैं जिनमें से 15 करोड़ देसी प्रजाति की गायें हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है और पतंजलि देशी गोवंश के संरक्षण संवर्धन में भी लगा है।

https://www.indiatv.in/india/national/swami-ramdev-claims-neither-adulteration-in-patanjali-ghee-nor-ban-on-medicines-press-conference-delhi-2026-09-23-1244925

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