लाइफस्टाइल/हेल्थ

शिगेलोसिस: दस्त से जुड़ी खतरनाक बीमारी, रहें सतर्क

Shigellosis: शिगेलोसिस एक संक्रामक आंतों का रोग है जो Shigella नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह रोग मुख्य रूप से दूषित भोजन, दूषित पानी या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। शिगेलोसिस विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को अधिक प्रभावित करता है। विकासशील देशों में स्वच्छता की कमी और सुरक्षित पेयजल की अनुपलब्धता के कारण यह एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है।

Read More: Alert: फिलीपींस में भूकंप से फैली दहशत, आठ की मौत

विश्व स्वास्थ्य संगठनों के अनुसार, शिगेलोसिस हर वर्ष लाखों लोगों को प्रभावित करता है और कई मामलों में गंभीर दस्त तथा निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) का कारण बनता है। समय पर पहचान और उचित उपचार से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

शिगेलोसिस: दस्त से जुड़ी खतरनाक बीमारी, रहें सतर्क
शिगेलोसिस: दस्त से जुड़ी खतरनाक बीमारी, रहें सतर्क

शिगेलोसिस क्या है?

शिगेलोसिस एक जीवाणुजनित संक्रमण है जो Shigella बैक्टीरिया की विभिन्न प्रजातियों के कारण होता है। यह बैक्टीरिया बड़ी आंत (कोलन) को संक्रमित करता है, जिससे सूजन, दर्द और दस्त की समस्या उत्पन्न होती है। संक्रमण होने के बाद आमतौर पर 1 से 3 दिनों के भीतर लक्षण दिखाई देने लगते हैं, हालांकि कुछ मामलों में यह अवधि एक सप्ताह तक भी हो सकती है।

इस बीमारी की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि संक्रमण फैलाने के लिए बहुत कम संख्या में बैक्टीरिया भी पर्याप्त होते हैं। यही कारण है कि यह रोग तेजी से फैल सकता है, विशेषकर उन स्थानों पर जहां स्वच्छता के मानकों का पालन नहीं किया जाता।

शिगेलोसिस के कारण

शिगेलोसिस का मुख्य कारण Shigella बैक्टीरिया से संक्रमण है। यह संक्रमण निम्नलिखित तरीकों से फैल सकता है:

  • दूषित भोजन और पानी- यदि भोजन या पानी में शिगेला बैक्टीरिया मौजूद हो, तो उसके सेवन से संक्रमण हो सकता है। सड़क किनारे मिलने वाले अस्वच्छ खाद्य पदार्थों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
  • संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना- यदि कोई व्यक्ति संक्रमित है और शौच के बाद हाथों को अच्छी तरह नहीं धोता, तो वह बैक्टीरिया को अन्य लोगों तक पहुंचा सकता है।
  • खराब स्वच्छता – साफ-सफाई की कमी, खुले में शौच और हाथ धोने की आदतों का अभाव संक्रमण के प्रसार को बढ़ाता है।
  • संक्रमित सतहों का संपर्क – खिलौनों, दरवाजों के हैंडल या अन्य वस्तुओं पर मौजूद बैक्टीरिया हाथों के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।
शिगेलोसिस: दस्त से जुड़ी खतरनाक बीमारी, रहें सतर्क
शिगेलोसिस: दस्त से जुड़ी खतरनाक बीमारी, रहें सतर्क

    शिगेलोसिस के लक्षण

    • बार-बार दस्त आना
    • दस्त में खून या बलगम का होना
    • पेट में ऐंठन और दर्द
    • बुखार
    • मतली और उल्टी
    • कमजोरी और थकान
    • भूख में कमी
    • निर्जलीकरण

    गंभीर मामलों में रोगी को तेज बुखार, लगातार खून वाले दस्त और अत्यधिक कमजोरी का सामना करना पड़ सकता है। बच्चों में यह स्थिति अधिक खतरनाक हो सकती है क्योंकि उनमें डिहाइड्रेशन जल्दी विकसित हो सकता है।

    शिगेलोसिस का निदान

    शिगेलोसिस का निदान रोगी के लक्षणों और प्रयोगशाला परीक्षणों के आधार पर किया जाता है। डॉक्टर आमतौर पर निम्नलिखित जांचों की सलाह देते हैं:

    मल परीक्षण (Stool Test) : यह सबसे महत्वपूर्ण जांच है जिसमें मल के नमूने की जांच करके Shigella बैक्टीरिया की उपस्थिति का पता लगाया जाता है।

    रक्त परीक्षण : गंभीर संक्रमण की स्थिति में रक्त परीक्षण द्वारा शरीर में संक्रमण और सूजन की स्थिति का मूल्यांकन किया जाता है।

    अन्य जांच : कुछ जटिल मामलों में अतिरिक्त जांच की आवश्यकता हो सकती है ताकि अन्य आंतों के संक्रमणों को बाहर किया जा सके।

    शिगेलोसिस: दस्त से जुड़ी खतरनाक बीमारी, रहें सतर्क
    शिगेलोसिस: दस्त से जुड़ी खतरनाक बीमारी, रहें सतर्क

    शिगेलोसिस का उपचार

    अधिकांश मामलों में शिगेलोसिस का उपचार सफलतापूर्वक किया जा सकता है। उपचार का उद्देश्य संक्रमण को नियंत्रित करना और शरीर में पानी तथा इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करना होता है।

    • पर्याप्त तरल पदार्थों का सेवन : दस्त के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसलिए रोगी को अधिक मात्रा में पानी, ओआरएस (ORS) और अन्य तरल पदार्थ दिए जाते हैं।
    • एंटीबायोटिक दवाएं : गंभीर मामलों में डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाओं की सलाह दे सकते हैं। हालांकि, एंटीबायोटिक का चयन बैक्टीरिया की संवेदनशीलता और रोगी की स्थिति के अनुसार किया जाता है।
    • आराम : संक्रमण के दौरान पर्याप्त आराम करने से शरीर तेजी से ठीक होने में मदद मिलती है।
    • पौष्टिक आहार : हल्का और सुपाच्य भोजन जैसे खिचड़ी, दही, केला और सूप लेने की सलाह दी जाती है।

      संभावित जटिलताएं : यदि समय पर उपचार न किया जाए, तो शिगेलोसिस गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।

      Read More: आयुष पद्धति क्या है? जानिए इसकी विशेषताएं, लाभ और महत्व

      इनमें शामिल हैं:

      • गंभीर निर्जलीकरण
      • कुपोषण
      • दौरे (विशेषकर बच्चों में)
      • आंतों में सूजन
      • रक्त संक्रमण
      • रिएक्टिव आर्थराइटिस (जोड़ों में दर्द और सूजन)

      शिगेलोसिस से बचाव

      • शिगेलोसिस की रोकथाम मुख्य रूप से स्वच्छता और सुरक्षित भोजन-पानी पर निर्भर करती है।
      • हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखें।
      • शौचालय के उपयोग के बाद साबुन और पानी से हाथ धोएं।
      • भोजन बनाने और खाने से पहले हाथ साफ करें।
      • सुरक्षित पेयजल पिएं।
      • केवल साफ और उबला हुआ पानी पिएं।
      • संदिग्ध स्रोतों के पानी का उपयोग न करें।
      • स्वच्छ भोजन ले।
      • भोजन को अच्छी तरह पकाकर खाएं।
      • कटे हुए खुले फल और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों से बचें।
      • बच्चों की देखभाल करें।
      • बच्चों के डायपर बदलने के बाद हाथ अवश्य धोएं।
      • बच्चों को नियमित रूप से हाथ धोने की आदत सिखाएं।
      • स्वच्छ वातावरण बनाएं रखे।
      • शौचालय और घर के आसपास की सफाई बनाए रखें।
      • कचरे का उचित निपटान करें।

      निष्कर्ष : शिगेलोसिस एक सामान्य लेकिन गंभीर आंतों का संक्रमण है, जो Shigella बैक्टीरिया के कारण होता है। यह मुख्य रूप से दूषित भोजन, पानी और खराब स्वच्छता के माध्यम से फैलता है। इसके प्रमुख लक्षणों में दस्त, पेट दर्द, बुखार और खून वाले दस्त शामिल हैं। समय पर निदान और उचित उपचार से अधिकांश रोगी पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं।
      इसके साथ ही, हाथों की सफाई, सुरक्षित पेयजल और स्वच्छ भोजन जैसी सरल सावधानियां अपनाकर इस बीमारी से प्रभावी रूप से बचाव किया जा सकता है। जन-जागरूकता और बेहतर स्वच्छता व्यवस्थाएं शिगेलोसिस के प्रसार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

      the voice of hind news channel

      https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/17826-shigellosis

      Share

      Leave a Reply

      Your email address will not be published. Required fields are marked *