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पेपर लीक पर चर्चा रोकने पहुंचा प्रशासन: संजय सिंह

  • प्रयागराज में आप सांसद संजय सिंह के साथ पेपर लीक पर चर्चा’ से डरी भाजपा सरकार, कार्यक्रम रुकवाने पहुंचा प्रशासन
  • संजय सिंह ने 75 जिलों में पेपर लीक पर चर्चा अभियान और लखनऊ घेराव का किया ऐलान
  • नीट से लेकर दरोगा, लेखपाल और पुलिस भर्ती तक भाजपा राज में लाखों युवाओं का भविष्य पेपर लीक की भेंट चढ़ गया” — संजय सिंह
  • बंद कमरे में छात्रों से बातचीत तक की इजाजत नहीं, उत्तर प्रदेश में तानाशाही चरम पर है” — संजय सिंह
  • “भाजपा को चंदा देने वाली ब्लैक लिस्टेड कंपनियों को परीक्षा सौंपकर युवाओं का भविष्य बर्बाद किया गया” — संजय सिंह
  • “पेपर लीक पर अब पूरे प्रदेश में चर्चा होगी, छात्रों को उनका हक दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा” — संजय सिंह
  • “युवाओं की आवाज को प्रशासन और लाठी के दम पर नहीं दबाया जा सकता” — संजय सिंह
पेपर लीक पर चर्चा रोकने पहुंचा प्रशासन: संजय सिंह
पेपर लीक पर चर्चा रोकने पहुंचा प्रशासन: संजय सिंह

प्रयागराज/लखनऊ: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोमवार को प्रयागराज में आयोजित “पेपर लीक पर चर्चा” कार्यक्रम में भाजपा सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और देश में लगातार हो रहे पेपर लीक ने करोड़ों युवाओं की मेहनत और सपनों को बर्बाद कर दिया है।

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उन्होंने कहा कि नीट समेत विभिन्न भर्ती और बोर्ड परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ छात्र अपनी पीड़ा साझा कर रहे थे, लेकिन प्रशासनिक अमला कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गया और पूरी ताकत लगाकर इस शांतिपूर्ण चर्चा को रोकने तथा दबाव बनाने का प्रयास किया। संजय सिंह ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए प्रदेश के सभी 75 जिलों में “पेपर लीक पर चर्चा” अभियान चलाने तथा बाद में राजधानी लखनऊ में छात्रों के साथ बड़ा घेराव करने का ऐलान किया।

भाजपा कर रही पेपर लीक और भर्ती का घोटाला

संजय सिंह ने कहा कि नीट परीक्षा का पेपर लीक होने से 22 लाख छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पेपर लीक और भर्ती घोटालों का सिलसिला भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगातार बढ़ता गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में दरोगा भर्ती परीक्षा, वर्ष 2018 में नौका चालक भर्ती, ग्राम विकास अधिकारी भर्ती, उत्तर प्रदेश विद्युत निगम कनिष्ठ अभियंता भर्ती तथा लोअर सबोर्डिनेट भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण प्रभावित हुईं। इसके बाद वर्ष 2021 में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षा तथा उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा भी विवादों और पेपर लीक की भेंट चढ़ गईं।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश बोर्ड की अंग्रेजी परीक्षा का प्रश्नपत्र 24 जिलों में लीक हुआ, राजस्व लेखपाल भर्ती परीक्षा निरस्त करनी पड़ी, वर्ष 2024 में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा और समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा रद्द करनी पड़ी। वर्ष 2025 में हाईस्कूल गणित का प्रश्नपत्र लीक हुआ और वर्ष 2026 में कर्मचारी चयन आयोग की सिपाही भर्ती परीक्षा, नीट, केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा तथा लेखपाल भर्ती में भी धांधली और पेपर लीक के आरोप सामने आए। उन्होंने कहा कि यह घटनाएं बताती हैं कि भाजपा सरकार युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफल रही है।

पेपर लीक कंपनियों को BJP का संरक्षण

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि जिन कंपनियों को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी दी गई, उनमें से कई पहले से ब्लैक लिस्टेड थीं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विद्युत निगम की परीक्षा और पुलिस भर्ती जैसी संवेदनशील परीक्षाओं का संचालन उन्हीं एजेंसियों को सौंपा गया जिन पर पहले सवाल उठ चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कंपनियों को भाजपा सरकार का संरक्षण प्राप्त है और इन्हें इसलिए बचाया जाता है क्योंकि इन्होंने भाजपा को करोड़ों रुपये का चंदा दिया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को जानबूझकर ऐसे हाथों में सौंपा गया जिनकी विश्वसनीयता पहले से संदेह के घेरे में रही है।

पेपर लीक पर चर्चा रोकने पहुंचा प्रशासन: संजय सिंह
पेपर लीक पर चर्चा रोकने पहुंचा प्रशासन: संजय सिंह

पेपर लीक चर्चा रोकने पहुंचा प्रशासन

प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुए प्रशासनिक हस्तक्षेप पर संजय सिंह ने कहा कि छात्र, छात्र संगठन और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अपने अनुभव और पीड़ा साझा कर रहे थे। इस चर्चा में छात्र राजनीति के दो बड़े पुरोधा भाई अनुग्रह नारायण सिंह जी और भाई के के राय जी जो इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अध्यक्ष रह चुके हैं यह दोनों लोग भी मौजूद थे।

बातचीत पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चल रही थी। न कोई प्रदर्शन था, न सड़क जाम और न ही किसी प्रकार की कानून व्यवस्था की समस्या। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और बातचीत बंद कराने का दबाव बनाने लगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन का कहना था कि यहां इस विषय पर चर्चा करने की अनुमति नहीं है।

यूपी में छात्रों का भविष्य बर्बाद

संजय सिंह ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि उत्तर प्रदेश में लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो जाए तो सरकार को कोई चिंता नहीं होती, लेकिन जब छात्र अपनी पीड़ा व्यक्त करने और समाधान की मांग करने के लिए एकत्र होते हैं तो प्रशासन उन्हें रोकने पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र नहीं बल्कि तानाशाही की पराकाष्ठा है। बंद कमरे में भी युवाओं को अपने भविष्य और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार विपक्ष की आवाज और छात्रों के आंदोलन को कुचलना चाहती है, लेकिन युवा अब सब समझ चुके हैं। युवाओं के रोजगार, भर्ती और भविष्य से जुड़े सवालों को लाठी और प्रशासनिक दबाव के सहारे दबाया नहीं जा सकता। जितना दमन होगा, युवाओं की आवाज उतनी ही मजबूत होगी।

पेपर लीक पर चर्चा रोकने पहुंचा प्रशासन: संजय सिंह
पेपर लीक पर चर्चा रोकने पहुंचा प्रशासन: संजय सिंह

पेपर लीक पर चर्चा करेगी AAP

संजय सिंह ने घोषणा करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी अब पूरे उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में “पेपर लीक पर चर्चा” कार्यक्रम आयोजित करेगी। प्रत्येक जिले में छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और छात्र संगठनों के साथ संवाद किया जाएगा। इसके बाद राजधानी लखनऊ में छात्रों का बड़ा घेराव आयोजित कर सरकार से जवाब मांगा जाएगा कि आखिर युवाओं का भविष्य बार-बार क्यों बर्बाद किया जा रहा है।

आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र विमान के माध्यम से भेजने के सरकारी फैसले पर संजय सिंह ने कहा कि इससे बड़ा मजाक और कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पेपर लीक कराने वाले लोगों और संरक्षित एजेंसियों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार नए-नए प्रयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि सेना का काम देश की सुरक्षा करना है, प्रश्नपत्र ढोना नहीं। सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रही है।

युवाओं के भविष्य का सवाल है

प्रयागराज में कुछ कोचिंग संस्थानों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर संजय सिंह ने कहा कि जिन संस्थानों पर कार्रवाई हुई उनका अपराध केवल इतना था कि उन्होंने छात्रों की आवाज को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि पहले युवाओं के साथ अन्याय किया जाता है और फिर उसके खिलाफ बोलने वालों को निशाना बनाया जाता है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं बल्कि भय और दमन की राजनीति का उदाहरण है।

संजय सिंह ने छात्रों से आह्वान करते हुए कहा कि जिन लाखों युवाओं का भविष्य पेपर लीक और भर्ती घोटालों से प्रभावित हुआ है, उन्हें संगठित होकर लंबी लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि यह किसी एक दल का नहीं बल्कि देश और प्रदेश के युवाओं के भविष्य का सवाल है। जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा और भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी नहीं बनाया जाएगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

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